वह स्वयं विद्यालयों के कार्यों में अच्छी रुचि लेती थी। चाहें कैसा भी कार्यक्रम हो वह उसमें सहभागिता करती थी। छात्राएं भी उससे काफी मिल जुलकर रहतीं थीं। उसने कभी भी फर्जीवाड़े का अहसास नहीं होने दिया।
यूपीः 25 जिलों में नौकरी करने वाली शिक्षिका 'अनामिका' की हकीकत खोलेगी एसटीएफ!
वह छात्राओं को योग्य बनाने के लिए स्वयं भी पढ़ाई करती थी। विद्यालय के अकाउंटेंट राहुल यादव ने बताया कि शिक्षिका का व्यवहार विद्यालय के स्टाफ और छात्राओं के प्रति काफी अच्छा था। वह सोशल मीडिया से दूरी बनाई रहती थी।