मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में चार साल पहले प्रताड़ना से तंग आकर युवक की आत्महत्या के मामले में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट सीजेएम विमलेश सरोज ने खारिज कर दी है। कोतवाली प्रभारी को स्वयं अथवा किसी अन्य विवेचक से अग्रिम विवेचना कराकर न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है। अगली सुनवाई के लिए 10 अक्तूबर की तारीख तय की गई है।
मोहल्ला भरतवाल निवासी मुकेश गोस्वामी ने 20 जनवरी 2021 को आत्महत्या कर ली थी। इसकी रिपोर्ट कोतवाली में उनके भाई कुलदीप ने दर्ज कराई। बागवान मोहल्ले के कमलेश लोधी पर घर में घुसकर पिटाई और अपमान से क्षुब्ध होकर आत्महत्या का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी। कुलदीप ने कोर्ट में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट काे चुनौती दी। साक्ष्यों तथा फाइनल रिपोर्ट की कमियों के आधार पर सीजेएम ने इसे निरस्त कर दिया है।
-
यह था मामला
रिपोर्ट के अनुसार मुकेश ने कमलेश से बीस हजार रुपये उधार लिए थे। दो प्रतिशत का ब्याज तय हुआ था। बाद में कुलदीप 10 प्रतिशत का ब्याज मांगने लगा था। इसके चलते 19 जनवरी 2021 को कमलेश ने घर में घुसकर मुकेश की पिटाई की और पत्नी के सामने अपमानित किया। 20 जनवरी को मुकेश ने आत्महत्या कर ली।
-
फाइनल रिपोर्ट की कमियां
विवेचक ने फाइनल रिपोर्ट में लिखा कि मृतक के घर विवेचक पहुंचे तो मृतक की पत्नी सपना ने बताया कि उसके पति मेहनत मजदूरी करने दिल्ली गए हुए हैं। मृतक मुकेश के बच्चों ने तोतली आवाज में बताया कि मम्मी और पापा दिल्ली गए हैं। सीजेएम ने आदेश में लिखा कि विवेचक द्वारा उपरोक्त प्रकरण में विवेचक द्वारा विवेचना दोषपूर्ण ढंग से की गई है और अनियमितता बरती गई है। विवेचना अधिकारी द्वारा बिना विधिक राय लिए फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई है।