आगरा के राजस्व न्यायालयों में सुनवाई शुरू हो गई है लेकिन बफर जोन में शामिल दीवानी, कलक्ट्रेट व सदर तहसील में न्यायालय फिलहाल 30 जून तक नहीं खुलेंगे। इस संबंध में डीएम ने सोमवार को निर्देश जारी कर दिए।
शहरी क्षेत्र को छोड़, बाकी तहसीलों, चकबंदी व अन्य राजस्व न्यायालयों में सोमवार से वादों पर विचारण भी शुरू हो गया। शासन ने 23 मार्च को सभी राजस्व न्यायालयों को खोलने पर 31 मार्च तक रोक लगाई थी। फिर लॉकडाउन के कारण 30 मई तक न्यायालय बंद रहे।
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अनलॉक- 1 में 19 जून को शासन ने दोबारा से सभी राजस्व न्यायालयों को खोलने के आदेश जारी किए। लेकिन आगरा में दीवानी, कलक्ट्रेट और सदर तहसील में न्यायालयों में सुनवाई फिलहाल नहीं होगी। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया दीवानी कंटेनमेंट जोन में शामिल है। वहां अभी नए केस मिल रहे हैं। कलक्ट्रेट और सदर तहसील भी बफर जोन में होने के कारण यहां न्यायालयों में कार्य 30 जून तक बंद रहेगा।
यहां खुलेंगे कोर्ट
सदर तहसील को छोड़ कर अन्य ऐसे न्यायालय को कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं वहां सोमवार से राजस्व वादों पर विचारण शुरू हो गया। इनमें खेरागढ़, बाह, किरावली, एत्मादपुर आदि शामिल हैं। इन तहसीलों में तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, चकबंदी व अन्य कोर्ट में राजस्व वादों पर सुनवाई होगी।
फाइलों पर जुलाई की तिथियां
जिलाधिकारी न्यायालय, एडीएम सिटी, अन्य एडीएम, एसीएम व एसडीएम कोर्ट में मार्च, अप्रैल, मई और जून के मामलों की फाइलों में जुलाई की तारीख दी गई हैं। इन सभी न्यायालयों में करीब 3841 राजस्व वाद विचारण के लिए लंबित हैं।
उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी सुनेंगे संवेदनशील वाद
ऐसे संवेदनशील राजस्व वाद जिनमें फौजदारी, कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। उन्हें प्राथमिकता पर सुना जाएगा। डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा ऐसे मामलों का निस्तारण संबंधित एसडीएम व क्षेत्राधिकारी करेंगे।