मैनपुरी। मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी उस गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं जो उन्होंने की ही नहीं। इसके चलते उन्हें अब तक बीते माह का वेतन नहीं मिल सका है। वेतन न मिलने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सीडीओ कार्यालय और जिला विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों का वेतन एक साथ निकलता है। जिसे खुद जिला विकास अधिकारी ही पास करते हैं। वहीं इस बार ये वेतन कर्मचारियों को अब तक नहीं मिल सका। इसमें कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है।
हुआ ये कि जिलाधिकारी ने किसी मामले को लेकर जिला विकास अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश दिए थे। ऐसे में उनके वेतन का भुगतान बिना जिलाधिकारी के आदेश के नहीं किया जा सकता है, लेकिन जब संबंधित लिपिक ने वेतन बिल बनाए तो उसने जिला विकास अधिकारी का वेतन भी उसमें शामिल कर दिया। ऐसे में पूरे बिल का ही भुगतान नहीं हो सका। जुलाई में दस दिन बीतने के बाद भी जब कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला तो वे मुश्किल में पड़ गए हैं। उनका कहना है कि आखिर उनका वेतन क्यों रोका गया। अगर जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।
आखिर अलग क्यों नहीं बनाया गया बिल
कर्मचारियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि जब जिला विकास अधिकारी का भुगतान रुका हुआ था तो फिर बिल एक साथ क्यों बनाया गया। जिला विकास अधिकारी के वेतन और कर्मचारियों के वेतन का बिल अलग-अलग बनता तो कर्मचारियों का वेतन नहीं रुकता।