एक तो त्योहारी सीजन ऊपर से वीकेंड। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने शहर को जाम से बचाने के इंतजाम ठीक से नहीं किए। नतीजतन सुबह से रात तक जगह-जगह वाहन जाम में फंस रहे हैं। सबसे बुरा हाल यमुना किनारे पर रहा। ताजमहल से वाटर वर्क्स तक हजारों वाहन जाम में फंसे रहे। यह हाल तब है जब नवंबर महीने में यातायात माह मनाया जाता है। पुलिस केवल चालान काटकर अपने टारगेट पूरा करने में लगी है। शहर को जाम से बचाने का कोई प्लान ही नहीं है। दिन निकलते ही खंदारी से भगवान टाकीज तक जाम लग गया। इसके बाद जैसे ही यमुना एक्सप्रेस वे से ताजमहल के लिए पर्यटक आने शुरू हुए, यमुना किनारा रोड जाम हो गया।
सप्ताह के पहले चार दिनों में औसतन रोजाना 15 से 20 हजार पर्यटक आते हैं जबकि शनिवार और रविवार को 30 से 35 हजार। शुक्रवार को ताजमहल बंद रहता है। इसके अलावा दिवाली के लिए खरीदारी शुरू हो गई है। बाजारों में सुबह से भीड़ रही। सिंधी मार्केट, राजामंडी चौराहा, सेंट जोंस चौराहा पर पूर्वाह्न 11 बजे से ही जाम लग गया। स्कूलों की छुट्टी के समय दोपहर एक बजे देहली गेट पर सैकड़ों वाहन फंस गए। सुल्तानगंज की पुलिया और वाटरवर्क्स पर तो दिन भर जाम रहा।