15 साल से ताजमहल के रेड जोन की सुरक्षा संभाल रहा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जल्द ही फतेहपुर सीकरी की भी सुरक्षा में तैनात होगा। शनिवार को एएसआई अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ कमांडेंट ने सीकरी के उन प्वाइंटस को देखा, जहां फोर्स को तैनात किया जा सकता है।
फतेहपुर सीकरी के साथ एएसआई आगरा किला और अकबर के मकबरे को भी सीआईएसएफ के हवाले करने पर विचार कर रहा है। फोर्स तैनाती पर कितना खर्च आएगा, इसका आकलन किया जा रहा है।
वर्ल्ड हेरिटेज साइट ताजमहल को साल 2001 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीआईएसएफ ने अपने सुरक्षा घेरे में लिया था। उसके बाद अब जाकर अन्य स्मारकों को भी कड़े सुरक्षा घेरे में लाने की कवायद हुई है।
संस्कृति मंत्रालय देश के 12 वर्ल्ड हेरिटेज स्मारकों की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। शनिवार को सीआईएसएफ के कमांडेंट सुधीर कुमार ने एएसआई अधिकारियों के साथ फतेहपुर सीकरी का सुरक्षा व्यवस्था के नजरिए से जायजा लिया। सीकरी में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के साथ उन्होंने उन जगहों को खास तौर पर देखा, जहां सीआईएसएफ के पोस्ट बनाए जा सकते हैं। स्मारक में प्रवेश और निकास के बारे में जानकारी ली। दरगाह परिसर, जोधाबाई पैलेस के साथ डाक बंगले वाले रास्ते को भी देखा।
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम ने बताया कि ताजमहल और दिल्ली का लाल किला ही अभी तक सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे में था, लेकिन अब तीन अन्य स्मारकों फतेहपुर सीकरी, आगरा किला और अकबर के मकबरे पर भी सुरक्षा कड़ी करने का प्रस्ताव है। फोर्स में मैन पावर और खर्च का आकलन करने के बाद ही मंत्रालय स्तर पर यह फैसला किया जाएगा।