तीसरे वर्ग की एलोपैथी दवा का किडनी, कैंसर, टीबी, क्षय रोग समेत अन्य गंभीर मर्ज वाले संक्रमित मरीजों पर ट्रायल होगा। इन तीनों दवाओं का किस मरीज पर कितना असर हुआ और कितनी जल्द उसकी सेहत दुरुस्त हुई, इसकी रिपार्ट बनाकर आईसीएमआर को भेजी जाएगी। इसमें जिस दवा का जो असर होगा, उसको संक्रमित मरीजों के इलाज में नियमित कर दिया जाएगा।
कानपुर मेडिकल कॉलेज के सहयोग से स्टडी
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि तीन दवाओं की स्टडी कानपुर मेडिकल कॉलेज के सहयोग से की जा रही है। उनके प्रभारी के साथ बैठक करते हुए मेडिसिन विभाग, एनेस्थीसिया विभाग और टीबी एवं वक्ष रोग विभाग के चिकित्सकों को जिम्मेदारी दे दी गई है। इनके ट्रायल के लिए आईसीएमआर से अनुमति मांगी है।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।