मैनपुरी। जनपद में वाहन चोरों के कई गिरोह सक्रिय हैं। पुलिस ने कई गैंग पकड़ने के बाद जेल भेजे। बावजूद इसके वारदातें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। इस वर्ष अभी तक करीब 430 वाहन चोरी हो चुके हैं।
चोर पुलिस की सुरक्षा वाले स्थान जिला अस्पताल, रोडवेज बस स्टैंड, बैंक के बाहर व अन्य स्थानों पर भी आसानी से वारदात अंजाम दे जाते हैं। बात खुलसे की करें तो पुलिस के हाथ अधिकतर मामलों में खाली हैं। इसकी एक वजह वाहन स्वामी की ओर से पैरवी न किए जाना भी है।
वाहन चोरी का मुकद्मा दर्ज कराने के बाद पीड़ित द्वारा क्लेम की धनराशि पाने के बाद पैरवी में दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती। उधर पुलिस भी निर्धारित समय में एफआर लगाकर मामले को खत्म कर देती है। वर्ष 2019 में जिले से करीब छह सौ से अधिक वाहन चोरी हुए थे।
बीते वर्ष की तुलना में वाहन चोरी का आंकड़ा इस वर्ष काफी कम है। पुलिस अपनी तरफ से पूरी कार्रवाई करती है। समय-समय पर वाहन चोरों को पकड़े के साथ ही वाहन भी बरामद किए गए हैं।
-मधुवन कुमार सिंह, एएसपी।