टूंडला में चित्रगुप्त जयंती पर छोटे भाई को लिखना सिखाते बड़ा भाई
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टूंडला। कायस्थ समाज ने सोमवार को भगवान चित्रगुप्त जयंती धूमधाम से मनाई। समाज के लोगों ने अपने आराध्य की पूजा करते हुए कलम दवात का पूजन किया। इस मौके पर समाज के लोगों ने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संगठित होने का संकल्प लिया।
चित्रगुप्त जयंती पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा हटीले हनुुमान मंदिर टूंडली पर कार्यक्रम का आयोजन किया। यहां भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा पर समाज के प्रबुद्ध लोगों ने माल्यार्पण किया। डा. चेतन बिहारी सक्सेना, दीपेश श्रीवास्तव, ललित श्रीवास्तव ने कहा कि धरती के समस्त प्राणियों के लेखाजोखा करने के लिए ब्रह्मा की काया से उत्पन्न भगवान चित्रगुप्त कायस्थ समाज के आराध्य हैं। कायस्थ समाज कलम का धनी होता है और आदिकाल से लिखा-पढ़ी का कार्य करता रहा है।
संगठन अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि बदलते परिवेश में कायस्थ समाज आपसी विघटन के कारण हर क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है। सरकारी नौकरियों में कायस्थ समाज न के बराबर रह गया है। आज समाज को एकजुट होना चाहिए। राजीव श्रीवास्तव, राममोहन श्रीवास्तव, कुलदीप श्रीवास्तव, सार्थक श्रीवास्तव, मनोज सक्सेना, रुचित कुलश्रेष्ठ, माधव श्रीवास्तव, राघव श्रीवास्तव देवांश श्रीवास्तव, दर्श श्रीवास्तव, आरती श्रीवास्तव, पिंकी श्रीवास्तव, प्रियंका श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।