चिटफंड कंपनियों ने लोगों से की ठगी
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उत्तर प्रदेश के आगरा में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां 65 हजार लोगों से करोड़ों की ठगी कर ली गई, वह भी उन्हें पता चले बिना। ज्यादातर पैसा 12 चिटफंड कंपनियों में जमा किया गया है। अब लोग उम्मीद में हर दिन तहसीलों के काउंटरों पर फार्म जमा कर रहे हैं। यहां अलग-अलग कंपनी के अलग-अलग फॉर्म जमा किए जा रहे हैं। साथ ही इनकी छंटनी भी की जा रही है।
चिटफंड कंपनियों द्वारा छोटी जमा बचत योजनाओं के नाम पर जिले के हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है। अब तक जिले की तहसीलों में 65 हजार से ज्यादा लोग इस आस में फार्म जमा कर चुके हैं कि शायद उनकी जमा पूंजी वापस मिल जाए। किसी ने बेटी की शादी के लिए पैसे जमा किए थे, तो किसी ने पढ़ाई और मकान के लिए। तहसील सदर समेत जिले भर की तहसीलों में फार्म जमा होने के बाद अब उनकी छंटनी कराई जा रही है। मुख्यत: 12 चिटफंड जमा कंपनियों के नाम ही इस मामले में सामने आ रहे हैं।
ऑनलाइन फॉर्म भरने के निर्देश
एडीएम वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि तहसीलों में काउंटर लगाया गया है, जहां हर दिन फार्म जमा कराए जा रहे हैं। इन्हें कंपनी वार तैयार कराया जा रहा है। शासन से इन फार्म को ऑनलाइन भरवाने के लिए कहा गया है। उत्तर प्रदेश वित्तीय अधिष्ठानों में जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम के तहत फार्म जमा कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
कंपनी वार अलग हो रहे फॉर्म
सदर तहसील में पहली मंजिल पर कॉरिडोर में चार कर्मचारी इन फार्म को कंपनी वार लगाकर अलग कर रहे हैं। ताकि हर कंपनी से धोखा खाए आवेदकों की संख्या पता चल सके। चिटफंड कंपनियों में जमा करने वाले ज्यादातर ग्रामीण और बस्तियों के लोग हैं।