कासगंज में ठगों ने एक बेरोजगार को अपना निशाना बनाया। उसे एक सप्ताह में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और लाखों रुपये ठग लिए। जब उसे ठगे जाने का अहसास हुआ तो वह कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के कासगंज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। यहां आरोपियों ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवक से लाखों की ठगी कर ली। पैसा वापस मांनगे पर आरोपी धमकी देते। इस पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के गोविंदपुरी कालोनी का है। यहां के रहने वाले बादाम सिंह ने बताया कि एक दिसंबर 2022 को अमांपुर बस स्टैंड निवासी जितेंद्र और खेमकरन उससे मिले। उन्होंने कहा कि वह सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में उसकी नौकरी लगवा देंगे। उसे दो लाख रुपये खर्च करने होंगे।
एक सप्ताह में लग जानी थी नौकरी
बताया कि नौकरी के नाम पर मैं उनकी बातों में आ गया। कहा कि मैनें उन्हें नौकरी लगवाने के लिए दो लाख रुपये दे दिए। वादा के मुताबिक एक सप्ताह में उसकी नौकरी लग जानी थी। लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगी। इसके बाद उसने जितेंद्र और खेमकरन से अपने रुपये मांगे। इस पर दोनों टालमटोल करते रहे। पैसा कब देना है, इसका कोई सही जवाब नहीं देते।
पुलिस मामले की जांच कर रही है-कोतवाल
कहा कि पैसा वापस नहीं मिलने पर उसने पुलिस से इसकी शिकायत की। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल वीपी गिरि ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।