शिकोहाबाद के लभौआ में मृत गर्भवती अंजलि के अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां चुनते समय परिजनों को चिता की राख में लोहे की छेनी मिली। परिजनों ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद जिले के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र गांव लभौआ में अनुसूचित जाति की गर्भवती महिला अंजलि निगम की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को मृतका का अंतिम संस्कार होने के बाद बुधवार सुबह अस्थियां (फूल) संचित करने पहुंचे परिजनों को चिता की राख से एक छेनी बरामद हुई है। इस घटनाक्रम के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की टीम पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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मृतका अंजलि के जेठ विजय सिंह का आरोप है कि वह जब श्मशान घाट पर फूल बीनने गए, तो शव के अवशेषों के पास से लोहे की छेनी मिली। आशंका है कि पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही के चलते ऐसा हुआ होगा। शरीर में छेनी लापरवाही के कारण छूटी है। वहीं, इसकी सूचना पर थाना पुलिस की टीम गांव में जांच को पहुंची। पुलिस का कहना है कि अंजलि के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के विशेषज्ञ पैनल और पूरी वीडियोग्राफी की निगरानी में हुआ था। ऐसे में इस तरह की चूक की गुंजाइश न के बराबर है। फिर भी परिजनों द्वारा उठाए गए इस नए पहलू और छेनी मिलने के मामले की हर कोण से जांच कराई जा रही है।
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बता दें कि रविवार रात शिकोहाबाद पुलिस द्वारा चोरी के शक में गांव लभौआ निवासी गौरव को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उसकी गर्भवती पत्नी अंजलि की सोमवार को प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। परिजन ने पुलिस पर धक्का-मुक्की और पेट में लात मारने का आरोप लगाया है। इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने सोमवार को ही निलंबित कर दिया था।
पूरे मामले की जांच एएसपी शिकोहाबाद जयबिंद कुमार गुप्ता कर रहे हैं। परिजन से बात करने पहुंचे एएसपी जयबिंद गुप्ता ने परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी हुई है। उन्होंने छेनी के तथ्य को स्पष्ट करने के लिए परिजन को थाने बुलाकर वीडियोग्राफी दिखाए जाने की पेशकश की है।