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गन्ना किसानों और लोन के बकाए का मामला- रंग लाई प्रशासन की सख्ती, चीनी मिल ने दिया शर्तों का बंध पत्र

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कासगंज। गन्ना किसानों और लोन के बकाए के भुगतान में चीनी मिल की ढिलाई पर प्रशासन की सख्ती रंग लाई। चीनी मिल ने देर रात 63 लाख रुपये सॉफ्टलोन योजना की किश्त के रूप में जमा करा दिए। किसानों का दिसंबर तक पूर्ण भुगतान करने का लिखित भरोसा दिया। चीनी मिल के अधिकारियों की ओर से सभी शर्तों का पत्र सौंपे जाने के बाद ही अधिकारियों को जाने दिया गया।
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चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 58.50 करोड़ में से 36.50 करोड़ रुपये बकाया है। चीनी मिल को पिछले साल शासन स्तर से जो सॉफ्टलोन योजना के तहत जो 32 करोड़ रुपये का लोन मिला था उसकी भी 5 किश्तें लगातार चीनी मिल ने जमा नहीं की। इसको लेकर डीएम सख्त हो गए।
मंगलवार को डीएम सीपी सिंह ने चीनी मिल के वरिष्ठ अधिकारियों को गन्ना कार्यालय में बैठाया और गन्ना विभाग के अधिकारियों को संतोषजनक प्रगति होने तक नहीं जाने देने के निर्देश दिए। देर रात तक बातचीत चलती रही। शासन स्तर से भी हस्तक्षेप बना रहा।
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चीनी मिल ने सॉफ्टलोन योजना के तहत एक किश्त के रूप में 63 लाख रुपये जमा किए और बाकी चार किश्तों का भुगतान दो महीने में करने का बंध पत्र दिया। साथ ही किसानों का भुगतान दिसंबर तक करने का भरोसा दिया। समझौता वार्ता से गन्ना विभाग ने जिलाधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद ही चीनी मिल के अफसरों को जाने दिया गया।
आंकड़े की नजर से-
- 22 करोड़ रुपये गन्ना किसानों का अब तक किया गया है भुगतान।
- 2-2 किश्त सॉफ्ट लोन योजना के तहत दो माह तक जमा करेगी चीनी मिल।
- 9000 हजार किसानों की बकाएदार है चीनी मिल।
- समझौता वार्ता देर रात खत्म हुई। शासन और प्रशासन स्तर पर सहमति बन गई है। चीनी मिल ने दिसंबर तक किसानों का भुगतान करने एवं 2 महीने तक 2-2 किश्त सॉफ्ट लोन की जमा करने का बंध पत्र दिया है। जिलाधिकारी ने चीनी मिल को समय पालन का नोटिस भी दे दिया है- ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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