कासगंज। बाल विकास विभाग में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद खलबली मची है। विभाग अब जिलेभर की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के दस्तावेजों की जांच कराएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाल विकास विभाग के खंडस्तरीय अधिकारियों से सभी कार्यकर्ताओं का ब्योरा तलब कर लिया है और मूल दस्तावेज मांगे हैं।
8 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। ये अब तक इन्हीं कागजात के सहारे मानदेय लेती रहीं हैं। विभाग अब यह खंगाल रहा है कि किस कार्यकर्ता ने कब से मानदेय लिया। इधर फर्जीवाड़ा सामने आने पर विभाग ने जांच का दायरा आगे बढ़ाया है। जिलेभर की सभी कार्यकर्ताओं के शैक्षिक और मूल दस्तावेजों की जांच शुरू कराई जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विकासखंडवार कार्यकर्ताओं का ब्योरा तलब कर लिया है।
तो कैसे संभलेगी व्यवस्था
जिलेभर की 8 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवासमाप्ति की पत्रावली तैयार है और उनके मानदेय पर रोक लगी है। ऐसे में संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र पर अब कार्यकर्ता नहीं पहुंच रहीं। वहां नौनिहालों को पुष्टाहार वितरण की भी समस्या हो रही है। हालांकि विभाग संबद्धीकरण से पुष्टाहार व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद कर रहा है।
वर्जन-
- जिलेभर की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। सभी सीडीपीओ(बाल विकास परियोजना अधिकारी) से विकासखंडवार ब्योरा मांगा है। जिसके भी दस्तावेज फर्जी होंगे उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। - अजय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी।