आगरा। शाहगंज क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षिका के घर हुई लाखों रुपये की चोरी की हकीकत जिसने सुनी वह सन्न रह गया। इस घटना में कोई पेशेवर चोर नहीं, बल्कि शिक्षिका का ही 14 वर्षीय नाबालिग भतीजा मोहरा बना। आरोप है कि तीन युवकाें ने उसे बंद कमरे में घंटों पीटकर डराया-धमकाया और उससे यह शर्मनाक वारदात कराई। पुलिस ने शिक्षिका की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
शाहगंज की नई आबादी रामनगर निवासी शिक्षिका कुसुमलता के पति का निधन हो चुका है। उनका बेटा विदेश में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, और घर में वह अपनी वृद्ध सास के साथ रहती हैं। उनके पड़ोस में ही उनके देवर का परिवार रहता है, और उनका 14 वर्षीय बेटा अक्सर उनके घर आता-जाता था। परिवार के इस अपनेपन का शातिर युवकों ने फायदा उठाया। शिक्षिका ने बताया कि उन्हें इस साजिश की भनक तब लगी जब 13 सितंबर को उन्होंने अलमारी खोली और उसमें रखे लाखों के जेवर नहीं दिखे। चोरी गए जेवरों में 16 ग्राम की मटर माला, 30 ग्राम का हार, बालियां, 10 ग्राम की चेन, चार चूड़ियां (15-15 और 12 ग्राम की) और तीन अंगूठियां शामिल थीं।
भतीजे का छलका दर्द
शिक्षिका ने बताया कि पूछताछ पर भतीजे ने रोते हुए वारदात कबूल की। उसका दर्द छलक उठा। उसने बताया कि पिछले करीब तीन महीने से अवधपुरी निवासी हनी चौधरी, विवेक कुमार और आजम पाड़ा निवासी जावेद उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपी उसे एक-दो घंटे तक कमरे में बंद कर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटते थे। उसे जान से मारने की धमकी देकर दबाव बनाते थे कि वह अपनी ताई के घर से जेवर चुराकर लाए। डर की वजह से उसके सामने जान बचाने के लिए और कोई चारा नहीं बचा था। वह मजबूर होकर घर से जेवर निकालकर उन दरिंदों को सौंपता रहा। उधर, शिक्षिका कुसुमलता ने हनी चौधरी उर्फ हिमांशु और जावेद पर जेवर बेचने या छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी हनी पहले भी अपने पिता के साथ मिलकर अन्य नाबालिगों को इस तरह के मामलों में फंसा चुका है।
- शिक्षिका की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब तीनों नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। - गौरव सिंह, एसीपी लोहामंडी