इमरजेंसी में आसपास जिलों के भी आ रहे बच्चे
बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में आगरा समेत फिरोजाबाद, मथुरा, एटा, शिकोहाबाद, मैनपुरी, कासगंज, भरतपुर समेत आसपास के जिलों से भी बच्चे आ रहे हैं। रोजाना 15 से अधिक बच्चे भर्ती हो रहे हैं, इसमें से तीन से पांच बच्चों की हालत खराब मिल रही है।
निजी डॉक्टरों के यहां भी उल्टी-दस्त के मरीज
निजी बाल रोग विशेषज्ञों के यहां भी ओपीडी में आने वाले बच्चों में 70 फीसदी को उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, बुखार की परेशानी मिल रही है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय कात्याल ने बताया कि बच्चे फास्टफूड, बाजार में बिकने वाली सामग्री ज्यादा खा रहे हैं, इससे डायरिया हो रहा है।
बच्चों को धूप और दूषित भोजन से बचाएं:
बच्चों को आरओ या फिर उबालकर ही पानी पिलाएं।
बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री खाने से बचाएं।
बासी भोजन और तेल-चिकनाईयुक्त खाने से बचाएं।
बच्चों को सुबह-शाम ही खेलने दें, धूप से बचाएं।
उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
बच्चों को अभी कूलर के सामने सुलाने से बचें।