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बच्चों का छतों पर जाना बंद, घरों में लगाए जा रहे जंगले

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फिरोजाबाद ! नगर निगम की टीम द्वारा पकड़े गए बंदरों को किया गया लोहे के जाल में किया बंद - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। बंदर के हमले से चूड़ी व्यापारी की मौत के बाद शहर के लोग भी सहम गए हैं। शहर के लोग बंदरों के हमले से बचने के लिए घरों में लोहे के जंगले में खुद को कैद कर रहे हैं। वहीं अभिभावक छतों पर खेलने जाने वाले बच्चों को अब रोक ने लगे हैं। अभिभावक बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते। वहीं शहरवासियों का कहना है कि शहर में ही करीब 50 हजार से अधिक बंदर होंगे। यह संख्या हर दिन बढ़ भी रही है। बंदरों के झुंड हमले कर रहे हैं।
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मंगलवार को चूड़ी कारोबारी की मौत के बाद शहर में बंदरों के प्रति लोगों का आक्रोश कम होने का काम नहीं ले रहा। पिछले एक माह में बंदरों के हमले से करीब 25 से अधिक लोग अलग-अलग जगह घायल हो चुके हैं। अब बंदरों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो गई। प्रबुद्धजनों का कहना है कि शहर में पचास हजार से अधिक बंदर हैं, गली मोहल्लों में रोजाना हमला कर रहे हैं। दुर्गा नगर निवासी निधि गुप्ता का कहना है कि मैंने बच्चों को छत पर जाने से रोक लगा दी है। वहीं बोधाश्रम निवासी काजल वर्मा का कहना है कि बंदरों के कारण छत पर दरवाजा लगाया है। जिससे बंदर नीचे कमरे में न आ जाएं। वहीं नगर निगम द्वारा दूसरे दिन भी बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया गया।
दूसरे दिन मथुरा नगर स्थित गुंजन कॉलोनी में बंदरों को पकड़ने के लिये जाल बिछाया गया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग और नगर निगम की टीम ने उक्त एरिया से 103 बंदरों को जाल में फंसा लिया। सभी बंदरों को पकड़ने के बाद सिरसागंज तहसील के स्वरूपपुर वन रेंज में छोड़ा गया। इस दौरान मेयर नगर नूतन राठौर, नगर निगम के नोडल अधिकारी संतोष पाल, वन दरोगा समर सिंह आदि रहे। एसडीओ वन विभाग फिरोजाबाद रेंज के मुताबिक बंदरों के आतंक से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों को चिह्नित किये जाने के लिये अलग से टीम गठित की गई है।
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