मथुरा के राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद बलदेव निवासी किशोर ने फंदा लगाने से पहले रविवार रात करीब 10 बजे ही सुसाइड नोट लिख लिया था। उसने बैरक में निरुद्ध अन्य बाल अपचारियों से भी मन की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि सुसाइड नोट में क्या लिखा है, तो कहा कि कल देख लेना पत्र। उधर, किशोर की मौत से उसके घर में गम का माहौल छा गया। बड़ी संख्या में लोग, परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
सुसाइड नोट में किशोर ने किशोरी के नाम का उल्लेख करते लिखा है कि दोनों बचपन से एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे। साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं। घरवालों से शादी की बात की थी। मगर, उन्होंने विरोध किया। इसी वजह से घर छोड़ने का कदम उठाया। किशोरी को लेकर वह लुधियाना (पंजाब) चला गया था। बाद में वापस आ गया, लेकिन किशोरी ने उसे धोखा दे दिया। उसके खिलाफ ही बयान दे दिए। पत्र में लिखा कि जैसा उसके साथ किया, वैसा किसी और के साथ न करे। यह पत्र उसे (किशोरी) दे देना।
दिन में माता-पिता से की थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि रविवार को किशोर के माता-पिता उससे मुलाकात करने पहुंचे थे। उस वक्त वह काफी परेशान था। माता-पिता ने उसे समझाया भी था। रात को उसकी तीन अन्य बाल अपचारियों से बातचीत हुई। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस को जानकारी मिली है कि किशोर बहकी-बहकी बातें कर रहा था। वह बता रहा था कि उसे किशोरी से बहुत प्यार था। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं। मगर, उसने धोखा दे दिया। उसके बयानों के कारण वह सलाखों के पीछे पहुंचा है। इसके बाद वह कुछ लिखने लगा। जब उससे पूछा तो दिखाने से मना कर दिया और कहा कि कल देख लेना।
मजिस्ट्रेटी जांच होगी
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी।