मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की कि लखनऊ की तरह आगरा में भी डॉ. बीआर आंबेडकर शोध केंद्र बनेगा। यहां बाबा साहब के जीवन व दर्शन के साथ विदेश, अर्थ व समाज नीति पर शोध होंगे। साथ ही कहा, इस शोध केंद्र के साथ एक छात्रावास भी बनाया जाएगा, जहां उच्च शिक्षा के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने चक्कीपाट स्थित बुद्ध विहार को भी राजकीय भवन घोषित करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार ने जीरो पावर्टी योजना का नाम डॉ. आंबेडकर के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। बाबा साहब चाहते थे कि गरीब, वंचित और दलितों को उनका हक मिले। सरकार उनके सपने को साकार कर रही है।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा, जीरो पावर्टी मिशन का फायदा सबसे ज्यादा गरीबों को होगा। जिनके पास घर नहीं है, उन्हें घर मिलेगा। रोजगार व राशन मिलेगा। आयुष्मान कार्ड, पेंशन और जमीन के पट्टे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में सपा सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी थी। जैसे ही 2017 में प्रदेश में हमारी सरकार आई। हमने तत्काल छात्रवृत्ति को फिर चालू कराया।
इससे पहले केंद्रीय भीम नगरी आयोजन समिति के संरक्षक करतार सिंह भारतीय ने चक्कीपाट स्थित बुद्ध विहार को राजकीय स्मारक घोषित करने की मांग रखी। इसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया। 18 मार्च 1956 को बाबा साहब आखिरी बार आगरा आए थे। अनुसूचित जाति फेडरेशन का रामलीला मैदान में अधिवेशन हुआ था। इस अधिवेशन के बाद डॉ. आंबेडकर ने चक्कीपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की थी। इसे ही बुद्ध विहार कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1956 से लगातार निकल रही शोभायात्रा और 1996 से आयोजित हो रही भीम नगरी से लोग बाबा साहब के सपनों को जीवंत किए हुए हैं।
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आंबेडकर ने दिया था एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसने देश को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक एकता के सूत्र में बांधा। बाबा साहब ने ही एक भारत, श्रेष्ठ भारत का आधार रखा। योगी ने कहा जब नया संसद भवन बना था, तो उसमें संविधान की मूल प्रति पीएम मोदी ने स्थापित की। उन्होंने पंचतीर्थ योजना शुरू की। नागपुर में दीक्षा भूमि स्मारक बना। इंग्लैंड में जहां बाबा साहब पढ़े थे, वहां छात्रावास बनवाया।