कासगंज। लोकसभा चुनाव की अचार संहिता हटते ही मुख्यमंत्री आरोग्य मेला शुरू तो कर दिए गए। लेकिन पहले दिन रविवार को लगे मेले में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी रहने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रविवार को आयोजित मेले में एक हजार से अधिक मरीज उपचार कराने पहुंचे। इसमें अधिकांश मरीजों कोे बुखार, डायरिया, सांस लेने में दिक्कत सहित अन्य बीमारी से परेशान थे।
लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य मेला कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था, जैसे ही आचार संहिता समाप्त हुई मुख्यमंत्री आरोग्य मेला लगाए जाने लगे। इसक्रम में रविवार को जिले के दो नगरीय एवं 29 ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले का आयोजन किया गया।
रविवार को लगे मेले में महज 25 डाक्टर ही उपलब्ध रहे। पैरामेडिकल स्टॉफ की भी भारी कमी रही। 90 पैरामेडिकल स्टॉफ ही उपलब्ध रहे। बिड़ला अस्पताल केंद्र पर 117 मरीज आए। इसमें पांच बुखार से पीड़ित रहे। इसके अलावा अन्य बीमारियों के मरीज आए। पवसरा स्वास्थ्य केंद्र पर 76 मरीज आए।
इसमें बुखार के चार मरीज शामिल रहे। इस दौरान तीन मरीजों की मलेरिया व दो मरीजों की डेंगू की जांच की गई। जिसमें एक मरीज की दोनों जांच की गई। किसी मरीज में मलेरिया डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। सांस में दिक्कत के तीन मरीज पहुंचे।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलाकर 1033 मरीज पहुंचे। जिसमें बुखार के 20 पहुंचे। 12 मरीजों की शुगर की जांच की गई। दो मरीजों में रक्त अल्पता की शिकायत मिली। सात मरीज हायपर टेंशन की समस्या को लेकर आए। एक मरीज में टीबी के लक्षण मिले। इसका सैंपल संग्रहित किया गया। 12 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। चार मरीजों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
वर्जन
चुनाव की आचार संंहिता हटने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य मेला शुरू हो गए है। मेला में सभी प्रकार की जांच की व्यवस्थाएं की गई है। डॉ. राजीव अग्रवाल सीएमओ