मैनपुरी। धौलपुर और मैनपुरी जिले की स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर छैमार गैंग के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में गैंग के सदस्यों ने 7 माह पूर्व जिले में चोरी की चार वारदातों को अंजाम देने की बात कबूला। इस दौरान गैंग के सदस्य जिले में अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बनाए थे। स्वाट प्रभारी को पूछताछ में चोरी की वारदातों के संबंध में जानकारी भी दी है।
राजस्थान के धौलपुर में चोरी और डकैती की ताबड़तोड़ वारदात अंजाम देने वाले छैमार गैंग के 8 सक्रिय सदस्यों को धौलपुर पुलिस ने स्वाट टीम मैनपुरी के सहयोग से गिरफ्तार करने में सफल रही। स्वाट प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने बताया कि उनकी टीम जिले में हुई चोरियों के संबंध में काफी समय से छैमार गैंग की तलाश में थी।
मुखबिर से गैंग के वर्तमान लोकेशन राजस्थान क्षेत्र में होना मिला, स्वाट प्रभारी ने धौलपुर पुलिस से संपर्क कर सूचना को साझा किया और टीम के साथ धौलपुर रवाना हुए। 24 सितंबर को एक डकैती की योजना बनाते हुए छैमार गैंग के मुश्ताक खां निवासी टोडा भीम, साजिद खान उर्फ संजय निवासी अलीपुर बदायूं, नूर आलम, शानू, शहबाज, आरिफ, पच्चू और नाजिर निवासी टोडाभीम को असलहा सहित गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर जनपद में हुई चोरियों के संबंध में अहम जानकारी मिली।
पूछताछ के दौरान छैमार के गैंग के सदस्यों ने बताया कि करीब 7 माह पहले उन लोगों ने एक के बाद जनपद मैनपुरी में चोरी की चार वारदात अंजाम दी। वह करीब एक माह तक जनपद में अलग अलग स्थानों पर रहे और कभी भिखारी बनकर तो कभी मूर्ति बेचने वाले बनकर रैकी करते रहे। एक माह रुकने के दौरान चार स्थानों पर लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी की वारदात अंजाम दी।