सोरोंजी। ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में मंगलवार को शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा का आयोजन किया गया। उत्पन्ना एकादशी के पर सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरि की पौड़ी के वराह घाट पहुंचे। जहां गंगास्नान कर वराह मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना कर गंगा मैया व भगवान वराह के जयकारे लगाए। इसके बाद सुबह 9 बजे प्रारंभ हुई पंचकोसी परिक्रमा में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। श्रद्धालु ढोलक मंजीरा बजाते हुए हरि नाम का संकीर्तन करते परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ रहे थे।
परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडेय ने बताया कि इस एकादशी को उपवास रखकर शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाकर भगवान वराह की पूजा अर्चना करने से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान हरि विष्णु ने इसी मास में वराह रूप धारण कर पृथ्वी को रसातल से निकालकर पुन: शूकरक्षेत्र की धरा पर स्थापित किया तथा हरिपदी गंगा उत्पन्न कर अपने वराह रूप को उसमें विलगित कर दिया। इसके प्रभाव से हरि की पौड़ी में प्रवाहित अस्थियां 72 घंटे में रेणु रूप में परिवर्तित हो जाती हैं।
श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग पर स्थित सूर्य कुंड,सीताराम जी मंदिर, सिद्ध पीठ बटुकनाथ, चंद्रकूप , 84 घंटे वाली मैया, बाछरु देव, सिंगल वाले महाराज , भागीरथी गुफा, वनखंडेश्वर महादेव, करुआदेव आदि मंदिरों में पहुंचकर भजन कीर्तन किए। गंगा वराह महासभा के अध्यक्ष सुनील तिवारी, निखिल दीक्षित आदि ने श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग स्थित प्रेमजी की बगीची पर फलाहार कराया। सीता रसोई पर राम गोविंद महेरे, रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, पूरन आदि ने खीर की प्रसादी बांटी। योगेश्वर मंदिर पर सभासद रवि दुबे ने श्रद्धालुओं को जलपान कराया। सिंगल वाले महाराज पर अशोक धमनावत , विजय तिवारी, गिरीश पाठक आदि धर्मप्रेमियों ने जलपान कराया। वनखंडेश्वर महादेव पर नेकसू प्रधान, सोमदत्त पाठक, राधेमोहन झा ने श्रद्धालुओं को जलपान कराया। पंचकोसी परिक्रमा में शशांक दीक्षित, अशोक कुमार पांडे, विनोद दीक्षित, योगेश उपाध्याय, गीतम सिंह, वीरेंद्र, राजपाल, बदन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।