अछनेरा के रायभा गांव के पास वन विभाग की चेकिंग के दौरान प्रवर्तन दल के साथ ड्यूटी कर रहे सिपाही को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के पीछे घरवालों ने साजिश की आशंका जताई है। सिपाही के 80 हजार रुपये और सोने की चेन भी गायब मिली है। पुलिस लाइन में रविवार को सिपाही को सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। एसएसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
अलीगढ़ के थाना इगलास के गांव नगला मलू निवासी राजवीर सिंह (28) वर्ष 2011 में पुलिस सेवा में बतौर कांस्टेबिल भर्ती हुए थे। वह कई साल से आगरा पुलिस लाइन में तैनात थे। शनिवार को उनकी ड्यूटी वन विभाग की टीम के साथ लगी थी। उनके साथ कांस्टेबिल नेम सिंह, संतोष और रामजीलाल भी थे। अछनेरा प्रतिनिधि के मुताबिक, रात तकरीबन 11 बजे वन विभाग के प्रवर्तन दल के मुकेशचंद्र यादव के साथ वह अछनेरा-रायभा मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। तभी राजवीर को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया था। शव को सुबह पुलिस लाइन लाया गया। घरवालों ने बताया, राजवीर सिंह लॉटरी के 80 हजार रुपये लेकर चेकिंग में गए थे। ये नगदी और सोने की चेन नहीं मिली है। उन्हें आशंका है कि कहीं वह वन माफिया के हमले के शिकार तो नहीं हो गए।
पुलिस लाइन में दोपहर को उन्हें शस्त्र उल्टे करके सलामी दी गई। एसएसपी राजेश डी.मोदक, एसपी सिटी समीर सौरभ, एएसपी सलमान ताज पाटिल, सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने अंतिम विदाई दी। एसएसपी ने बताया कि सिपाही कितने दिनों से प्रवर्तन दल के साथ था। घटना के पीछे क्या कारण रहे। इन बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है।
बिलखते रहे घरवाले
राजवीर सिंह की शादी सात साल पहले हुई थी। उनकी पत्नी राखी और बेटी संध्या (5), बेटा विशाल (डेढ़ साल) हैं। उनका शव आने पर घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था।