उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष डा. अनिल यादव के पुतला दहन करने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के चार कार्यकर्ताओं को जेल भेजने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कार्यकर्ताओं को बरी करने और आयोग के अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग को लेकर एबीवीपी सोमवार से प्रदेश सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना देगी। प्रदेश भर में सपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होंगे। एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार सुबह दस बजे गृहमंत्री से मुलाकात करेगा।
मदिया कटरा स्थित होटल वैभव पैलेस में रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री दीपक ऋषि गौड़ ने कहा कि निर्दोष कार्यकर्ताओं की रिहाई नहीं होने तक एमजी रोड स्थित स्पीड कलर लैब के सामने धरना दिया जाएगा। भाजपा, आरएसएस तथा प्रकोष्ठ भी इसमें शामिल रहेंगे। एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और राज्यपाल से भी मिलेगा। युवाओं के बीच पर्चे बांट कर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि शुक्रवार को कमला नगर में आयोग के अध्यक्ष के घर के बाहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंका था। तब पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था। अध्यक्ष के घरवालों ने भी कार्यकर्ताओं को जमकर पीटा था। पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को संगीन धाराओं में जेल भेज दिया है। इस दौरान प्रांत प्रमुख शशांक चौधरी, जीडी चाहर, सोनू चौधरी, देवांश, सलमान, आलोक, नितिन, ध्रुव आदि मौजूद रहे।
भाजपा के विधि प्रकोष्ठ ने दी सफाई
आगरा। कार्यकर्ताओं की शनिवार को कोर्ट में पेशी के दौरान कोई अधिवक्ता मौजूद नहीं था। इस पर भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने सफाई दी है। प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य केके मुडौतिया का कहना है, पुलिस ने चारों को साजिशन उस वक्त कोर्ट में पेश किया, जब भाजपाजन, विधि प्रकोष्ठ के सदस्य पुलिस अफसरों से मिलने गए थे। इसी कारण उनकी पैरवी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि सपा नेता मामले को एबीवीपी बनाम अधिवक्ता का रूप दे रहे हैं। एबीवीपी का वकीलों से कोई लेना-देना नहीं है। इसी गलतफहमी को दूर करने के लिए एक-दो दिन में बार हॉल में कार्यक्रम किया जाएगा। एबीवीपी पदाधिकारियों का भी कहना है कि अधिवक्ता सच्चाई का साथ दें, किसी के बहकावे में न आएं।
गांधी प्रतिमा के सामने दिया धरना
आगरा। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रविवार को खंदारी स्थित गांधी प्रतिमा के सामने सांकेतिक धरना दिया। इसमें जेल गए कार्यकर्ताओं के परिवारीजन भी शामिल हुए। सुयश कुशवाहा, लाले गौतम, आर्यन दिवाकर, शशांक भदौरिया और शशांक चौधरी ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचारियों का सहयोग करने का आरोप लगाया।
सपा पर हमलावर हुई भाजपा
भाजपा का केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व एबीवीपी के समर्थन में उतर आया है। भाजपा नेताओं ने जेल में बंद चारों कार्यकर्ताओं की रिहाई और आयोग अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। ऐसा न होने पर सड़क से विधानसभा तक आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया।
केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने कहा कि आयोग अध्यक्ष व प्रदेश सरकार के अन्य अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों में पहले से ही विवादों में हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी को विरोध करने का हक है। ऐसे में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करना और फिर उन्हीं पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज करना, प्रशासन ने यह सपा सरकार के दबाव में किया है। इधर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, सांसद चौधरी बाबूलाल सहित कई भाजपा नेताओं ने जेल पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि निर्दोष कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया तो भाजपा प्रदेश में जल्द आंदोलन करेगी। विजय शिवहरे, प्रमोद गुप्ता, प्रशांत पौनिया, अवधेश रावत, सोनू चौधरी, शिवम पचौरी आदि मौजूद रहे। इधर, विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने भी भाजपाजनों के साथ कार्यकर्ताओं से मिलने जेल पहुंचे। उनके साथ केके उपाध्याय, गौरव राजावत, वात्सल्य उपाध्याय आदि मौजूद रहे। इसके बाद विधायक ने एसपी सिटी से भी मुलाकात की।