आगरा में साइबर अपराधियों ने एक शिक्षिका को ठग लिया। पेटीएम की केवाईसी अपडेट करने का झांसा देकर मोबाइल पर एक एप डाउनलोड कराया। इसके बाद मोबाइल एक्सेस कर लिया। इसके बाद उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़िता ने एसएसपी आफिस में शिकायत की है। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है।
पश्चिमपुरी निवासी राखी गुप्ता पत्नी मनीष गुप्ता सिकंदरा स्थित एक स्कूल में शिक्षिका हैं। बुधवार दोपहर 1:30 बजे राखी के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके पेटीएम केवाईसी अपडेट करनी है।
राखी ने मना किया। मगर, उसने कहा कि फोन पर ही अपडेट हो जाएगा। इसके लिए एक एप डाउनलोड करना होगा। उनसे क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करा दिया। इसके बाद पेटीएम में अपने भारतीय स्टेट बैंक के खाते से 10 रुपये ट्रांसफर करने के लिए बोल दिया।
राखी ने 10 रुपये पेटीएम में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। मोबाइल पर मैसेज आने पर राखी को जानकारी हुई। उन्होंने अपना खाता बंद करा दिया। इसके बाद एप भी डिलीट कर दिया। राखी ने बृहस्पतिवार को एसएसपी आफिस में शिकायत की। मामले की जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है।
एप की मदद से मोबाइल कर लिया एक्सेस
साइबर क्राइम सेल प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि क्विक सपोर्ट नामक एप से मोबाइल को एक्सेस किया जा सकता है। इस एप को डाउनलोड कराने के बाद साइबर अपराधी एक नंबर पूछते हैं। यह नंबर एप डाउनलोड करने के बाद आता है।
अपराधी अपने मोबाइल पर भी इस एप को रखते हैं। जैसे ही नंबर पता चलता है, वह अपने मोबाइल के एप में डालते हैं। इससे जिस किसी व्यक्ति को शिकार बनाया जाता है, उसके मोबाइल की स्क्रीन देखने लगते हैं। एप के माध्यम से मोबाइल को एक्सेस भी किया जा सकता है।
इस तरह की कई शिकायत आ चुकी हैं। राखी के मामले में भी ऐसा ही हुआ होगा। उन्होंने पेटीएम से रकम ट्रांसफर करने के लिए कार्ड की जानकारी और ओटीपी डाला था। साइबर अपराधी ने एटीएम कार्ड की जानकारी के साथ ही ओटीपी देख लिया। इसके बाद खाते से रकम ट्रांसफर कर ली।
बरतें सावधानी
साइबर सेल एक्सपर्ट के मुताबिक, किसी के कहने पर कभी कोई एप डाउनलोड नहीं करना चाहिए। लिंक भेजकर दो, तीन, पांच और दस रुपये जमा करने के लिए कहता है तो लिंक को खोले नहीं। लिंक से खुलने वाले पेज पर भरी गई गोपनीय, निजी, बैंक संबंधी, ओटीपी, पासवर्ड, सीवीवी, पिन, यूपीआई पिन आदि की जानकारी धोखाधड़ी करने वाले के पास चली जाती है।
इसके बाद अपराधी खाते से गलत तरीके से पैसा निकाल सकते हैं। फोन पर पेटीएम की केवाईसी अपडेट करने वाले पर भरोसा नहीं करें। पेटीएम एप के अंदर ही सभी सुविधाएं खुद-ब-खुद मिल जाती हैं। इन पर ध्यान देना चाहिए।