फिरोजाबाद में बृहस्पतिवार को जोरदार धमाका फिर से सुनाई दिया। धमाके की आवाज काफी तेज थी। खिड़की-दरवाजे हिल गए। भवनों की दीवारों में कंपन होने लगा। कुछ स्थानों पर मकानों की छतों की दीवार पर लगी एलईटी लाइटें लटक गईं।
लोग पल भर के लिए सन्न गए। धमाका किसका था कैसे हुआ पता नहीं चल सका। शहर में काफी दूर-दूर तक लोगों ने धमाके का अहसास किया। लोग फोन पर एक दूसरे से फोन पर धमाके को लेकर पूछते रहे। इससे पहले इसी तरह का धमाका छह जनवरी को दोपहर करीब डेढ बजे हुआ था।
सुहागनगरी में रहस्यमयी धमाके की गूंज सुनाई देने के साथ हर कोई चौंक गया। धमाका होते ही लोग अपने वाहनों का टायर जांचने लगे। लेकिन धमाके की आवाज बहुत तेज थी। शहर के छोर से अंतिम छोर तक धमाके की गूंज सुनाई दी।
लोग घरों से बाहर आकर स्थिति देखने की कोशिश करने लगे। दुर्गानगर निवासी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि दोपहर सवार दो बजे करीब धमाके की आवाज के कारण लोग घरों से बाहर आ गए। दरवाजे खिड़की तक हिल गए। आखिर ये धमाका कहां हुआ पता नहीं चल रहा है।
बस स्टैंड पर बैठे मनीष पालीवाल का कहना था कि धमाके की आवाज को सुनकर घर फोन किया फिर लगा शायद कहीं बस का टायर तो नहीं फट गया। लेकिन कुछ नहीं मिला। सुहागनगर निवासी दिलीप सिंह चौहान ने कहा कि धमाके की गूंज तो उन्होंने सुनीं लेकिन क्या हुआ यह जानकारी नहीं हो सकी।
राजा का ताल निवासी कृपाल सिंह यादव बोले कि धमाके की आवाज सुनकर वे भी चौंक गए। कई जगह फोन घुमाए लेकिन किसी ने धमाके की तो पुष्टि नहीं की। नारखी के गौंछ निवासी उमेश का कहना है कि धमाके की गूंज सुनाई दी थी।
चीफ फायर ऑफीसर जशवीर सिंह ने कहा कि सोमवार की तरह आज भी धमाके की गूंज सुनाई दी। लेकिन धमाका कहां हुआ यह तो स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन पिछले धमाके के सापेक्ष गुरुवार को हुए धमाके की धमक कुछ कम थी। अभी तक कोई सूचना नहीं मिली कि धमाका कहां हुआ।
छत की दीवार पर लगी लाइटें लटक गईं
किड्क कॉर्नर स्कूल के निदेशक डा. मयंक भटनागर ने कहा कि धमाके आवाज काफी तीव्र थी। स्कूल के एक कक्ष में छत की दीवार पर लगी एलईटी लाइटें लटक गईं। बच्चे भी डर के कारण कक्षों से बाहर आ गए। प्रशासन को पता कराना चाहिए कि धमाका किसका हो रहा है। करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खां ने कहा कि वह छत पर थे अचानक तेज धमाके से दीवारें हिलने लगीं। प्रशासन धमाके के बारे में पता कराए।