छावनी क्षेत्र में लंबे समय से विकास कार्य ठप हैं। कारण छावनी बोर्ड की बैठक न होना है। कई बार बैठक हुई भी तो ये अफसरों और जनप्रतिनिधि के आरोप-प्रत्यारोप के बीच ही खत्म हो गई। गुरुवार को भी बैठक होनी थी लेकिन प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इसे 23 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया।
छावनी परिषद में इन दिनों अफसरों और जनप्रतिनिधियों में घमासान की स्थिति है। क्षेत्र में सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट, म्यूटेशन जैसी समस्याएं हैं। पर किसी का ध्यान नहीं है। पिछले सितंबर से एक भी टेंडर नहीं हुआ। जो निविदाएं डाली गईं, वह पारित नहीं हो सकी। अब तक बिल्डिंग मरम्मत, नाली, नाले, खड़ंजे, इंटरलाकिंग टाइल्स, स्ट्रीट लाइट, पंप हाउस, स्कूलों की इमारत की वार्षिक मरम्मत समेत अन्य कार्यों के टेंडर निकाले ही नहीं गए हैं।
वर्जन::
एक सप्ताह में दो बार बैठक स्थगित की गई है। यह नियम के खिलाफ है। पहले 13 अप्रैल को बैठक होनी थी, जिसे 16 अप्रैल कर दिया। अब इसे भी स्थगित कर दिया गया है। यह क्षेत्र की जनता के साथ धोखा है।
डा. पंकज महेंद्रू, उपाध्यक्ष, छावनी परिषद
- प्रशासनिक कारणों से गुरुवार को होने वाली बैठक स्थगित की है। रही बात विकास कार्यों की, तो निर्वाचित सदस्यों से फोन पर संपर्क कर विकास कार्यों की सूची मांग रहे हैं।
डा. अशोक शर्मा, प्रवक्ता, छावनी परिषद