आगरा के 150 साल पुराने आगरा क्लब के चुनाव पर रार मची है। बृहस्पतिवार को आम सभा की बैठक में हंगामे के बाद डीएम ने प्रबंध समिति की बैठक पर रोक लगा दी। इस बार आगरा क्लब की अध्यक्षता एयरफोर्स के पास जानी थी। परंपरा और नियम टूटने पर सदस्यों ने विरोध दर्ज कराते हुए फिर से चुनाव की मांग की है।
आम सभा की बैठक के बाद डीएम ने आगरा क्लब के सचिव कर्नल संजीव अग्निहोत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि क्लब ने 11 सितंबर तक प्रबंध समिति और मतदान समिति के निदेशक के लिए एक-एक सदस्य का नाम मांगा था। दो नाम 23 सितंबर को भेजे गए।
प्रशासन के दोनों नाम देरी के बहाने से खारिज कर दिए गए। इस पर एडीएम सिटी अनूप कुमार और एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी वार्षिक आमसभा में पहुंचे। उन्हें प्रबंध समिति और मतदान समिति के निदेशकों की रिक्तियों को भरने के लिए नागरिक प्रशासन से प्रतिनिधि के रूप में भेजा गया था, लेकिन उनके नाम स्वीकार नहीं किए गए, न ही घोषित किए गए।
इस पर डीएम ने अपनी असहमति दर्ज कराई है और वार्षिक आमसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में इस चुनाव के लिए नियुक्त किए गए एडीएम (न्यायिक) धीरेंद्र सिंह को भी वापस ले लिया है। इसमें आगरा के मंडलायुक्त की सहमति है जो आगरा क्लब के नामित अध्यक्ष में से एक हैं।
एयरफोर्स, सिविलियन, प्रशासन एक साथ
आगरा क्लब में पहली बार चुनाव के मसले पर एयरफोर्स, सिविलियन, प्रशासन के सदस्य एक साथ खड़े हुए हैं, जबकि आर्मी के सदस्य दूसरे पक्ष में हैं। सिविलियन सदस्याें ने इस मामले में कोर्ट जाने की भी चेतावनी दी है। आगरा क्लब की आम सभा में बैलेंटिंग और मैनेजमेंट कमेटी का चुनाव होता है। इनका कार्यकाल एक साल का होता है। दोनों कमेटियों में 8-8 डायरेक्टर चुने जाते हैं, जिनमें से दो आर्मी से, दो एयरफोर्स, एक प्रशासन और तीन सिविलियन होते हैं। इनमें प्रदीप वार्ष्णेय, प्रदीप खंडेलवाल के साथ सिविलियन, एयरफोर्स और प्रशासन के सदस्य खड़े हो गए हैं।
5 अक्तूबर या उसके बाद होगी बैठक
बृहस्पतिवार को चार निदेशकों के साथ हुई बैठक में तय किया गया कि आगरा क्लब के नियमों के मुताबिक एयर कमोडोर एसके गुप्ता, वीएम, एओसी, को आगरा क्लब का अध्यक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए 5 अक्तूबर को या उसके बाद प्रबंध समिति की बैठक होगी।