डीएम अरविंद एम बंगारी ने बताया कि पहले शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर में ओटीपी व्यवस्था नहीं थी। लाॅगइन आईडी और पासवर्ड से पोर्टल खोलकर कोई भी शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर कर सकता था, लेकिन अब ओटीपी व्यवस्था लागू होगी। लाइसेंसी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। तभी पोर्टल पर आवेदक ब्योरा खुलेगा। पोर्टल के लॉगइन आईडी और पासवर्ड असलहा बाबू के पास नहीं रहेंगे। एडीएम स्तर के एक अधिकारी को नोडल नामित किया है। लॉगइन आईडी और पासवर्ड की जिम्मेदारी भी एडीएम की होगी।
52 हजार से अधिक हैं शस्त्र लाइसेंस
जनपद में 52 हजार से अधिक लाइसेंसी शस्त्र हैं। करीब 2 हजार से अधिक शस्त्र कलेक्ट्रेट के मालखाने में रखे हुए हैं। पोर्टल बंद होने से वारिसान के शस्त्र लाइसेंसी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, डीएम का कहना है कि शासन स्तर से पोर्टल जल्द अपडेट कराने को रिमांडर भेजा है। अपडेशन के बाद पोर्टल दोबारा शुरू होगा।
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