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बदली तस्वीर: पिछले साल से 23 फीसदी सुरक्षित हुईं सात थाना क्षेत्रों की सड़कें

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आगरा। शहर से देहात तक पांच क्रिटिकल काॅरिडोर में रोड इंजीनियरिंग में बदलाव और जागरूकता का असर हुआ है। जनवरी-फरवरी माह के आंकड़ों में वर्ष 2025 के मुकाबले वर्ष 2026 में 23.38 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। हालांकि यह कमी सात थाना क्षेत्र के नेशनल और स्टेट हाईवे पर ही रही। इनमें एत्मादपुर में सबसे ज्यादा 65.21 फीसदी की कमी आई। वहीं दूसरी तरफ चार थाना क्षेत्र में हादसों की वृद्धि हुई। जिसमें किरावली और खंदौली 100 फीसदी अधिक हादसे हुए। अकेला एत्माद्दौला थाना क्षेत्र रहा जहां न वृद्धि हुई और न ही कमी।
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नवंबर 2025 में 12 थानों में 15 क्रिटिकल काॅरिडोर टीम बनाई गई थीं। इन टीम का प्रमुख कार्य हादसा होने पर घटनास्थल का निरीक्षण करना, कारण और समाधान के उपाय सुझाना था। रोड इंजीनियरिंग में कमी को संबंधित विभाग से समन्वय कर दूर किया जाना था। टीमों ने आगरा में 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन चिह्नित किए। कुछ जगहों पर रोड इंजीनियरिंग में बदलाव कराया। दुर्घटना बाहुल्य इलाके के साइनेज, ट्रैफिक लाइट, डिवाइडर निर्माण, लाइट के इंतजाम किए गए। इसका असर जनवरी और फरवरी में दिखा। हादसों में 23.38 फीसदी की कमी आई। मृतकों की संख्या में 36.6 फीसदी और घायलों की संख्या में 31.77 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

खंदाैली, अछनेरा, किरावली और फतेहाबाद में वृद्धि
टीमों के उपायों के बावजूद खंदाैली, अछनेरा, किरावली और फतेहाबाद में हादसों में कमी नहीं आई। 100 फीसदी तक हादसे पिछले साल के मुकाबले बढ़ गए। एसीपी ट्रैफिक रामप्रवेश गुप्ता ने बताया कि खंदाैली में हादसे की वजह हाईवे का सिंगल होना है। इसके साथ ही मार्ग पर कई जगह रोड इंजीनियरिंग में खामी है। संबंधित विभाग से पत्राचार किया गया है। किरावली और अछनेरा में लोग टोल बचाने के लिए नियमों की अनदेखी करते हैं। दक्षिण बाईपास से वाहन निकालते हैं। कई जगह अवैध कट और गलत दिशा से वाहन चलाते हैं। इस वजह से हादसे होते हैं। फतेहाबाद में एक्सप्रेसवे पर रफ्तार से हादसे हो रहे हैं।
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रात 6-9 और 12 से 3 के बीच ज्यादा खतरा
एसीपी ने बताया कि टीमों ने हर हादसे के बाद स्टडी की। इसकी रिपोर्ट भेजी गई। सामने आया कि जिन मार्ग पर अधिक दुर्घटनाएं हुईं हैं, उनमें अधिकतर रात में हुईं। रात 6 से 9 और 12 से 3 का समय सबसे ज्यादा खतरनाक रहा। 6 से 9 के बीच लोग स्टेट हाईवे पर जल्दबाजी में निकलते हैं। कई बार गलत दिशा से वाहन आते हैं। इस वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं। 12 से 3 के बीच वाहन चलाने वाले बड़े वाहन होते हैं। चालक को झपकी और वाहन के अनियंत्रित होने की वजह से हादसे होते हैं।
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