आगरा में संगमरमरी ताजमहल का सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आसानी से दीदार हो सके, इसलिए टिकट की व्यवस्था में बदलाव होने वाला है। ताजमहल के टिकट गेट पर बने काउंटरों पर सूर्योदय से 30 मिनट पहले मिलने शुरू हो जाएंगे।
जबकि सूर्यास्त से 30 मिनट पहले तक ही पर्यटक प्रवेश कर सकेंगे। सूर्यास्त से 75 मिनट पहले ताजमहल के टिकट काउंटरों से टिकटों की बिक्री बंद कर दी जाएगी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भीड़ प्रबंधन को लेकर कई सुझाव पर चर्चा की है, जिसके बाद महानिदेशक और संस्कृति मंत्रालय स्तर पर यह सहमति बन गई है कि शाम को टिकटों की बिक्री पहले ही बंद कर दी जाए।
इस बात से लिया सबक
क्रिसमस से नए साल तक शाम को हजारों पर्यटक टिकट लेने के बाद भी ताज में प्रवेश नहीं कर पाए थे। इससे सबक लेते हुए तय हुआ है कि 75 मिनट पहले टिकटों की बिक्री बंद हो जाएगी। ताकि पर्यटक काउंटर से गेट तक आसानी से इस दौरान पहुंच सके।
सुरक्षा जांच तक 45 मिनट का समय लग सकता है। इसलिए सूर्यास्त से 30 मिनट पहले गेट बंद कर दिया जाएगा। जो सैलानी अंदर रहेंगे, वह सूर्यास्त के समय ढलते सूरज की लालिमा लिए ताजमहल का दीदार कर सकेंगे।
शाम को पर्यटकों को जब बाहर निकाला जाए तो वह ताज का पूरी तरह से दीदार करते हुए निकलें। नई व्यवस्था पर संस्कृति मंत्री डा. महेश शर्मा की सहमति होनी बाकी है। उसके बाद एएसआई अधिसूचना जारी कर इसे लागू कर देगी।
इस रेलिंग की और बढ़ाई जाएगी चौड़ाई
ताजमहल के मुख्य गुंबद के अंदर सैलानियों के दबाव को देखते हुए एएसआई ने स्टील रेलिंग की चौड़ाई बढ़ाई और गैलरी के कुछ हिस्सों से इसे हटाया भी, लेकिन कुछ हिस्सा अभी भी ऐसा है, जहां रेलिंग की चौड़ाई बेहद कम है।
सीआईएसएफ कमांडेंट ब्रज भूषण ने एएसआई संरक्षण सहायक अंकित नामदेव के साथ गुंबद के अंदर संयुक्त निरीक्षण किया, जिसमें कुछ जगहों पर रेलिंग की चौड़ाई बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
ताज के अंदर पच्चीकारी और वास्तुकला को देखने वाले कुछ पलों के लिए रुकते हैं। उसके कारण पर्यटकों का आवागमन प्रभावित न हो, इसलिए रेलिंग की चौड़ाई बढ़ाने को कहा गया है।