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व्यापारी को जेल भेजने पर फंसी आगरा पुलिस, BJP सांसद-विधायकों ने घेरा एसएसपी आफिस

Sun, 14 Jan 2018 08:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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आगरा की थाना न्यू आगरा पुलिस ने शुक्रवार को कोल्ड स्टोरेज मालिक विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोप है कि वह जेल में बंद बिल्डर शैलेंद्र अग्रवाल के गिरोह में है। उनके खिलाफ एक महिला ने केस दर्ज कराया था। 
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उधर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में भी आ गई। कारण यह है कि महिला ने ही बयान बदल दिया है। उसका कहना है कि शैलेंद्र के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के केस में विनोद अग्रवाल की भूमिका नहीं है। 

विनोद के परिवारीजनों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया है। शनिवार को इस मामले ने तूल पकड़ लिया। आगरा के भाजपा सांसद और एससी आयोग के अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया, विधायक जगन प्रसाद गर्ग, जीएस धर्मेश, हेमलता दिवाकर, मेयर नवीन जैन सहित अन्य भाजपा नेता एसएसपी आफिस पहुंचे। 
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यहां उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर एसएसपी के सामने जमकर भड़ास निकाली। पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस पर एसएसपी ने मामले की विवेचना करने वाले दरोगा को निलंबित कर दिया। वहीं गैंगस्टर के लिए डीएम से कार्रवाई कराने की बात कही है। 

ये है पूरा मामला

बता दें कि कमला नगर, थाना न्यू आगरा निवासी विनोद अग्रवाल का इंडिया कोल्ड स्टोरेज है। कुछ महीने पहले विजय नगर की रहने वाली दीप्ति अग्रवाल ने जेल में बंद बिल्डर शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। 

इसमें एग्रीमेंट के बावजूद फ्लैट विनोद को बेचने का आरोप लगाया था। इसमें विनोद को भी सह अभियुक्त बनाया गया। हालांकि बाद में महिला ने शपथ पत्र दिया कि फ्लैट का एग्रीमेंट होने की जानकारी विनोद को पहले से नहीं थी मगर, पुलिस ने केस में चार्जशीट लगा दी। 

इसके बाद शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ हरीपर्वत पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की। उसके गैंग में विनोद अग्रवाल को भी शामिल दिखाया गया। इसलिए उनके खिलाफ गैंगेस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया।
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मामले की विवेचना थाना न्यू आगरा पुलिस कर रही थी। पुलिस ने गैंगेस्टर में विनोद को गुरुवार रात को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को कारोबारी को जेल भेज दिया गया। 

कारोबारी पक्ष का कहना था कि फ्लैट का पहले से किसी और के नाम पर एग्रीमेंट था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। इसके बावजूद चार्जशीट लगा दी गई। इस पर मामले की शिकायत एसएसपी से की गई है।  उनका कहना है कि विनोद अग्रवाल ने फ्लैट खरीदा था। 

उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उन्हें सह अभियुक्त क्यों बना दिया गया? गैंगस्टर गैंग के सक्रिय सदस्य पर लगाया जाता है, जबकि कारोबारी न तो शैलेंद्र अग्रवाल का पार्टनर है। उनकी कोई कंपनी भी नहीं है। एक मामले में सह अभियुक्त कैसे बना दिया गया?
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