चंद्रयान -2 मिशन में शामिल टूंडला के वैज्ञानिक धर्मेन्द्र यादव
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चंद्रयान -2 मिशन में टूंडला के लाल की भी अहम भूमिका है। टेक्निकल कोर टीम सदस्य के रूप में अंतरिक्ष नेटवर्क के लिए चंद्रयान-2 मिशन के वरिष्ठ वैज्ञानिक और चंद्रयान-2 मिशन में ऑपरेशन प्रबंधक के रूप में संचालन कर रहे धर्मेंद्र यादव डिफरेंट डिजाइन समीक्षा और परीक्षण और विश्लेषण में शामिल थे।
धर्मेंद्र ने बताया कि उन पर डाटा को ट्रैक करने और प्रदान करने की जिम्मेदारी हैं। वो चांद पर अंतरिक्ष यान भेजने के लिए महत्वपूर्ण टेलकमांड समर्थन देने के लिए भी शामिल है।
फिलहाल वो ब्राजील में तैनात हैं वो तब तक ब्राजील में रहेंगे जब तक यह चांद पर चला जाए। धर्मेंद्र ने बताया कि लॉच के समय, चंद्रयान 2 ऑर्बिटर बयालू के साथ-साथ विक्रम लैंडर में भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के साथ संचार करने में सक्षम होगा।
उन्होंने बताया कि चंद्रयान -2 के प्राथमिक उद्देश्य चंद्र सतह पर नरम-भूमि की क्षमता का प्रदर्शन करना और सतह पर एक रोबोट रोवर संचालित करना है। वैज्ञानिक लक्ष्यों में चंद्र स्थलाकृति, खनिज विज्ञान, तात्विक बहुतायत, चंद्र बहिर्मुखता और हाइड्रॉक्सिल और जल बर्फ के हस्ताक्षर शामिल हैं। ऑर्बिटर चंद्र सतह का मानचित्र बनाएगा और इसके थ्रीडी मानचित्र तैयार करने में मदद करेगा।
धर्मेंद्र यादव के पिता शंभूदयाल यादव किसान हैं। उनकी मां कमलादेवी घरेलू महिला हैं। एक बहन दीपिका है, जिसकी शादी हो चुकी है। एक छोटा भाई उपेंद्र यादव है, जो दिल्ली में आईएएस की तैयारी कर रहा है। मां ने कहा पुत्र पर नाज है। वो बेटे के योगदान को देशहित में बताते हैं।
धर्मेंद्र की प्राथमिक शिक्षा हिंदी मीडियम से हुई है। हिंदुस्तान कॉलेज आगरा से बीटेक और एनआईटी जालंधर से एमटेक किया है। वे आईआईटी धनबाद से पीएचडी कर रहे हैं और चंद्रयान-2 मिशन कोर टीम का सदस्य भी हैं। वे 15 अगस्त तक ब्राजील में रहते हुए मिशन पर नजर रखेंगे। 13 अगस्त को चंद्रयान के चन्द्रमा की ओर प्रस्थान करने के बाद 15 अगस्त को भारत लौटेंगे।