ये लाभ मिलेंगे
संस्थान ने अगले 5, 10 और 15 सालों की कार्ययोजना तैयार कर ली है। डीम्ड विवि बनने के बाद आगामी तीन सालों में संस्थान नए संकाय, केंद्र और पीठ की स्थापना करेगा। जिसमें हिंदी के साथ अन्य कोर्सों का संचालन भी किया जा सकेगा। विभाग की योजना नए संकाय, केंद्र और पीठ खोलने की है। जिससे ज्यादा से ज्यादा लाभ गैर हिंदी भाषी के साथ हिंदी भाषी छात्र-छात्राओं को मिल सके। अंतरविद्या संकाय, मानविकी संकाय के साथ 6 नए केंद्र और आगरा में दो व अन्य केंद्रों पर एक-एक नई पीठ की स्थापना की भी योजना है।
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विशेष है केंद्रीय हिंदी संस्थान
हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए कार्यरत केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना 1960 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन की गई थी। इसका मुख्यालय आगरा में स्थित है। वहीं इसके आठ केंद्रों दिल्ली, हैदराबाद, गुवाहाटी, शिलांग, मैसूर, दीमापुर, भुवनेश्वर और अहमदाबाद में पाठ्यक्रमों का संचालन होता है। जिनमें हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण प्रवीण पारंगत है। हिंदी शिक्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत है।
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