आगरा। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में 356 विकेट लेकर आगरा की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने इतिहास रच दिया। मगर इस उपलब्धि की खुशी पूरी तरह नहीं मनाई जा सकी। लंदन से फोन पर हुई खास बातचीत में दीप्ति ने कहा कि जब उन्होंने आगरा में क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह इस मुकाम तक पहुंचेंगी।
दीप्ति ने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक खुशी उन्हें भारत की जीत में मिलती है। इसलिए इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बावजूद टीम की हार ने जश्न की चमक फीकी कर दी। अगर टीम जीतती तो इस उपलब्धि की खुशी कई गुना ज्यादा होती। इस सफर में परिवार, कोच, साथियों और शुभचिंतकों का सहयोग हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।
अब अगले लक्ष्य पर पूरा फोकस
दीप्ति ने बताया कि अब वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच की तैयारी में जुटेंगी। इसके बाद वह इंग्लैंड की प्रतिष्ठित द हंड्रेड प्रतियोगिता में भी खेलेंगी। लगातार व्यस्त कार्यक्रम के कारण फिलहाल उनके आगरा लौटने की संभावना नहीं है।
अभी कई रिकॉर्ड बाकी
दीप्ति के पिता श्रीभगवान शर्मा, भाई एवं कोच सुमित शर्मा और भाई प्रशांत रिकॉर्ड बनते समय स्टेडियम में मौजूद थे। सुमित ने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए और भी कई बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी। उधर, दीप्ति की इस उपलब्धि से आगरा में खुशी और गर्व का माहौल है। शहर अपनी बेटी के ऐतिहासिक स्वागत का इंतजार कर रहा है। हालांकि टेस्ट मैच और द हंड्रेड प्रतियोगिता के कारण उनकी स्वदेश वापसी में अभी समय है।