दिव्य के मिल जाने के बाद भी उसका परिवार महीनों तक टेंशन में रहा। बच्चों का बाहर जाना छूट गया। घर की चारदीवारी को और ऊंचा करा दिया गया। सिक्योरिटी गार्ड बढ़ा दिए गए थे। इस घटना से आसपास के लोगों ने भी सबक लिया और इस रोड में अधिकांश बिल्डिंगों में सीसीटीवी लग गए।