छावनी परिषद के बंगलों में अवैध निर्माण और नीलामी सहित अन्य गड़बड़ियों के मामले में सीबीआई ने जांच की। यहां लंबे समय से गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। सीबीआई अपने साथ साक्ष्य ले गई है। माना जा रहा कि मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
आगरा में छावनी परिषद के बंगलों में अवैध निर्माण और नीलामी सहित अन्य गड़बड़ियों की जांच करने आई सीबीआई साक्ष्य जुटाकर ले गई है। सदर बाजार में चल रहे दो मैरिज होम में भी टीम ने गड़बड़ी तलाशी है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से छावनी में भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं। पहली दफा सीबीआई की टीम जांच कर रही है।
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छावनी परिषद में बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम ने छापा मारा था। टीम ने बंगलों में बड़े पैमाने पर कराए गए अवैध निर्माणों की जांच की। इसके अलावा बंगलों में चल रहे दुकान, रेस्तरां और दफ्तरों को भी देखा। एक पूर्व सांसद का सफेद संगमरमर से बन रहे बंगले की शिकायत भी हुई है। वहीं एक मंत्री और अन्य माननीयों ने भी नियमों को दरकिनार करके बंगलों के आवंटन करा लिए हैं। दो साल में काफी खरीद-फरोख्त की गई है।
एक ओल्ड ग्रांट की जमीन की खरीद का मामला भी चर्चा में रहा। छावनी के पूर्व बोर्ड सदस्यों का कहना है कि बिना सिफारिश वाले अपने घरों में शौचालय तक नहीं बनवा सकते हैं। छावनी कर्मचारी उन्हें नोटिस थमा देते हैं, लेकिन वहीं सिफारिशी और नेताओं के बंगलों में कई अवैध निर्माण हो चुके हैं।
कई कर्मियों की करोड़ों की संपत्ति
छावनी में कुछ सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की करोड़ों की संपत्तियां हैं। छावनी वेलफेयर सोसाइटी के रिंकू अग्रवाल का कहना है कि इन कर्मचारियों की संपत्ति की जांच हो तो भ्रष्टाचार सामने आ जाएगा। एक कर्मचारी के कॉलेज और गेस्ट हाउस तक हैं। बरसों से जमे हुए कर्मचारी करोड़पति हो चुके हैं। छावनी के हर श्रेणी के कर्मचारियों पर स्थानांतरण नीति लागू होनी चाहिए।