मथुरा के जवाहरबाग हिंसा मामले की सीबीआई जांच में देरी पर की गई शिकायत पर उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाने को कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि उच्च न्यायालय के फैसले से याचिकाकर्ता संतुष्ट न हों तो यहां आ सकते हैं। अब शहीद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में अपील करेंगी।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने कहा कि बहुत निर्दयता से उनके पति की हत्या कर दी गई थी। अन्य पुलिसकर्मी भी मारे गए थे, पर 2017 से अब तक मामले में सीबीआई ने जांच पूरी नहीं की। जबकि उच्च न्यायालय ने ही सीबीआई को तीन महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था।
शीर्ष अदालत ने यह कहा
पीठ ने कहा कि आप इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपनी बात रखिए, अगर वहां कुछ नहीं होता है तो आप यहां आ सकते हैं। याचिकाकर्ता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने की मांग की, लेकिन पीठ ने यह मांग अस्वीकार कर दी। इस पर याचिका वापस ले ली। उन्होंने जुलाई 2020 में शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर मामले की जांच तेज कराने की गुहार लगाई थी।