गाजियाबाद और गाैतमबुद्ध नगर के 14 मुकदमों की विवेचना सीबीसीआईडी आगरा कर रही है। सीबीसीआईडी आगरा के एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि टीम को भेजा गया है। घोटाला मशीनों में गलत आधार नंबर फीड करने के बाद किया गया था। गरीबों को राशन मिलना चाहिए था। मगर, फर्जी आधार नंबर से कई-कई बार राशन की बंदरबाट की गई। कोटेदारों को दी गईं ई-पास मशीन को टीम बरामद करने के प्रयास में लगी है। इन मशीनों से डाटा रिकवर किया जाएगा। इसके लिए मशीनों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेंगे। विवेचना जल्द से जल्द पूरी की जाएगी।
बदल दिए थे आधार कार्ड नंबर
कोटेदारों ने कंप्यूटर जानकार की मदद से लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबरों में संशोधन कर दिया। अपने परिचितों के आधार कार्ड नंबर फीड कर दिए। इससे लाभार्थी का नाम हटा दिया गया। इसके जरिये गरीबों के अनाज को निकाल लिया गया। अनाज लेने के बाद असली लाभार्थी के नंबर को फिर से फीड कर दिया जाता था। सीबीसीआईडी तकनीक के माध्यम से घोटाला करने वालों का पर्दाफाश करने के प्रयास में लगी है। मामले में एसटीएफने एक मामले में आरोपपत्र लगाया था। इसमें एक महिला ही गिरफ्तार हुई थी, जिसमें से उसे जमानत मिल गई। हर जिले में 40-45 कोटेदार हैं, जिनकी जांच होनी है।