आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में नेशनल हाईवे-2 पर गांव सींगना के पास अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने गोवंश से भरा कैंटर रोकने का प्रयास किया तो चालक पुलिस बैरियर में टक्कर मारकर कैंटर को भगाने लगा। प्रदेश प्रभारी संजय जाट का आरोप है कि पीछा करने पर कैंटर में सवार गोकशों ने फायरिंग की। दक्षिणी बाईपास पर कैंटर को छोड़कर भाग गए। पुलिस के पीछा न करने से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया।
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश प्रभारी संजय जाट के मुताबिक, बुधवार रात को फिरोजाबाद से कैंटर में गोकशों के गोवंश ले जाने की सूचना पर सींगना गांव के पास हाईवे पर जिलाध्यक्ष रौनक ठाकुर और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ घेराबंदी की थी। रात करीब एक बजे एक कैंटर आता दिखा तो रोकने का प्रयास किया। लेकिन, चालक ने पुलिस के बैरियर में टक्कर मार दी और दक्षिणी बाईपास होते हुए भागने लगे।
पुलिस ने नहीं किया पीछा
पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पीछा किया। यह देखकर कैंटर को रोककर चालक सहित चार-पांच गोकश पैदल दक्षिणी बाईपास से उतरकर भाग गए। जीप में चल रहे सिपाहियों ने पीछा नहीं किया। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने दक्षिणी बाईपास पर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर सीओ अछनेरा बीएस वीर कुमार आ गए। कार्यकर्ताओं ने सिपाहियों को निलंबित करने की मांग की। रात करीब तीन बजे सीओ के आश्वासन पर जाम खोला जा सका। कैंटर में 26 गोवंशीय पशु भरे हुए थे।
संजय जाट का कहना था कि गोकश गोवंश लेकर जा रहे थे। उन्होंने कैंटर को रोकने पर फायरिंग की। इसमें कार्यकर्ता और अन्य बाल-बाल बच गए। पुलिस साथ में होने के बावजूद आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गोवंश को गोशाला में भिजवाया गया है।
सोमवार को जिला मुख्यालय का घेराव
हिंदू महासभा के प्रदेश प्रभारी संजय जाट ने बताया कि शहर और देहात में गोकशी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। पुलिस की लापरवाही से गोकशी हो रही है। इस पर रोक लगनी चाहिए। सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
जिलाध्यक्ष ने दर्ज कराया मुकदमा
जिलाध्यक्ष रौनक ठाकुर की ओर से सात नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मथुरा के फरह निवासी फारूक, कादिर, हमीद नगर गड्डा निवासी समीउद्दीन, शहजाद, फिरोजाबाद निवासी इकबाल, मंटोला निवासी गुलफाम, नाई की मंडी निवासी इकराम खान और दो अज्ञात हैं। इसमें जानलेवा हमला, गो हत्या निवारण अधिनियम लगाया गया है।