आगरा के लादूखेड़ा में फर्जी दस्तावेज से निवास और अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र बनवाने के तीन आरोपियों के खिलाफ लेखपाल ने पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लेखपाल दीपक शर्मा ने थाना सैंया में दी तहरीर में बताया कि धौलपुर निवासी दो युवकों के अलावा खेरागढ़ के युवक ने ऑनलाइन जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। आवेदन में निवासी दर्शाने के लिए ग्राम प्रधान के लेटर पैड को प्रमाण के तौर पर लगाया गया था। युवकों के निवास प्रमाणपत्र तहसील से जारी हो गए। इसके बाद युवकों ने अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया। युवक पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं।
आराेपियों ने व्हाइटनर लगाकर जाति को अनुसूचित दर्शाया। उनके प्रमाणपत्र जारी हो गए। इस बात की शिकायत किसी ने अधिकारियों से कर दी। संज्ञान में आने के बाद लेखपाल ने मामले की जांच की। इस दौरान प्रधान के लेटरपैड पर व्हाइटनर लगाकर तथ्यों से छेड़छाड़ की गई थी। लेखपाल ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
एसीपी सैंया देवेश सिंह ने बताया कि मामले में तीनाें आरोपियों की जांच चल रही है। प्रमाणपत्रों को निरस्त कराया जा रहा है। ग्राम प्रधान के लगाए गए लेटर पैड पर हस्ताक्षरों में भी भिन्नता है। कई जगह व्हाइट्नर लगाकर ओवरराइटिंग की गई है।