फिश फार्च्यून प्रोडक्ट कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी और आयुर्वेदाचार्य ने मछली पालन करके अधिक मुनाफे का लालच देकर एक युवक से 22 लाख रुपये की ठगी कर ली। एसीजेएम-3 ने कंपनी के मालिक विजेंद्र कश्यप, विनय शर्मा और आयुर्वेदाचार्य डॉ. रामशरण निवासी खुशहालपुर, मुरादाबाद के खिलाफ केस दर्ज कर थानाध्यक्ष शाहगंज को विवेचना के आदेश दिए हैं।
शाहगंज निवासी भूपेंद्र नाथ गुप्ता ने अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। बताया कि उनके पिता राजेंद्र गुप्ता के घुटनों में दर्द होता है। वह उन्हें अंबा हेल्थ क्लीनिक खुशहालपुर, थाना मझोला, मुरादाबाद के आयुर्वेदाचार्य डॉ. रामशरण से दवा दिलाने लेकर जाते थे। तब डॉ. ने बताया था कि उनके परिचित विजेंद्र कश्यप और विनय शर्मा की फिश फार्च्यून प्रोडक्ट कंपनी है।
उन्होंने मुरादाबाद में 54 बीघा जमीन पर मछली पालने का तालाब बनाया है। वहां से तालाबों में मछली पालने के लिए मछली के बच्चे भेजे जाते हैं। एक एकड़ जमीन और 11 लाख रुपये सिक्योरिटी देने पर कंपनी तालाब बनाकर मछली पालन करती है। बदले में 14 महीने तक 1.60 लाख रुपये अदा करेगी। इसके साथ ही बिजली, चौकीदार व अन्य खर्च के रुपये भी देगी। वह उनके झांसे में आ गए। पत्नी के नाम पर दो तालाबों के लिए 22 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद न रुपये मिले न तालाब बनाकर दिए गए।