इसके बाद किस्त आना बंद हो गईं। तब से वो भटक रहे थे। एसएसपी ऑफिस में शिकायत के बाद थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके साथ 91 पीड़ितों ने भी थाना सदर में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि तकरीबन पांच करोड़ की धोखाधड़ी की गई है।
थाना सदर के एसएसआई सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मुकदमे में पीड़ितों के प्रार्थनापत्रों को शामिल किया जाएगा। सभी से धोखाधड़ी से संबंधित साक्ष्य लिए जाएंगे। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
छह राज्यों के किसान हुए ठगी के शिकार
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि कंपनी के कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के किसानों को अपना शिकार बनाया। उनसे बोला गया था कि मछली पालन में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा।
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, राजगढ़, धार, सागर आदि जिलों में ठगी की गई थी। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी कंपनी के सीएमडी बिजेंद्र कश्यप को चार दिसंबर को गुरुग्राम से पकड़ लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि आरोपी ने अपने दोस्त विनय शर्मा के साथ मिलकर कंपनी बनाई थी। उसे कंपनी में सीईओ बनाया था।
कर्ज लेकर कंपनी को दी थी रकम
सेवला के रहने वाले डॉ. रामअवतार, शाहगंज के राजेंद्र आदि ने कंपनी की स्कीम की जानकारी होने पर रकम जुटाई थी। कर्ज भी लिया था। इसके बाद 11-11 लाख रुपये जमा करा दिए थे। कर्ज देने वाले घरों के चक्कर लगा रहे हैं। इसी तरह से कागारौली, सैंया, सदर, शमसाबाद, इरादतनगर, सिकंदरा, डौकी आदि के पीड़ितों के साथ हुआ है।