आरोप है कि एडीए अधिकारियों ने वार्ता और समझाने का प्रयास किया, तो उनके साथ अभद्रता की गई। लोहामंडी पुलिस के सामने भी अभद्रता करते रहे। एसीपी लोहामंडी के पहुंचने के बाद शांति व्यवस्था हो सकी। प्रवर्तन प्रभारी राकेश प्रताप की तरफ से थाना लोहामंडी में दर्ज कराए केस में कहा कि भाजयुमो महानगर अध्यक्ष शंशाक शर्मा उर्फ शैलू पंडित व गौरव राजावत के साथ 40 से 50 अज्ञात लोग एडीए दफ्तर आए थे। सुरक्षा कर्मियों ने गेट पर रोकने का प्रयास किया। भीड़ ने उनके साथ हाथापाई की। सुरक्षा कर्मी सुनील कुमार और मुकुल चाहर के साथ मारपीट की गई।
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गेट को बंद कर एडीए पर कब्जा कर लिया। जिससे आवागमन अवरुद्ध हो गया। उस दिन एडीए उपाध्यक्ष एक बैठक के सिलसिले में लखनऊ गई थीं। उनकी गैर मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम से कर्मचारियों में दहशत फैल गई। मंगलवार को एडीए उपाध्यक्ष और भाजपा नेताओं के बीच फिर कहासुनी हुई। जिसके बाद एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने पूरे घटनाक्रम से शासन में उच्च अधिकारियों व पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड़ को अवगत कराया। मंगलवार रात में एडीए की तरफ से तहरीर दी गई। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर केस दर्ज हुआ।
आरोप निराधार, पुलिस साक्ष्य जुटाए
महानगर अध्यक्ष शशांक शर्मा उर्फ शैलू पंडित कई अवैध निर्माण हो रहे हैं। एडीए के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत है। इसकी शिकायत करने गए थे। धरने और बवाल का आरोप निराधार हैं। सीढि़यों पर बैठकर अपनी बात को कहा था। पुलिस साक्ष्य जुटाए। इसके बाद कार्रवाई करे। भाजयुमो ब्रज क्षेत्र मंत्री गौरव राजावत ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज को उठाने गए थे। अगर, कोई दोषी हो तो पुलिस कार्रवाई करे।