आगरा के जगदीशपुरा के बहुचर्चित बोदला जमीन प्रकरण में 124 दिन की विवेचना के बाद एसआईटी ने चार्जशीट तैयार कर ली है। तत्कालीन एसओ जितेंद्र सिंह और बिल्डर कमल चौधरी सहित 15 को आरोपी बनाया है। नौ लोग डकैती, माल बरामदगी, अवैध कब्जा, आपराधिक साजिश में, जबकि फर्जी वारिस बनने वाली उमा देवी, रवि कुशवाहा सहित छह फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल रहे। पुलिस के पास केस में इलेक्ट्राॅनिक सर्विलांस और फर्जी कागजात तैयार करने से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, जोकि अहम साबित होंगे।
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बोदला मार्ग पर 10 हजार वर्ग जमीन पर कब्जा किया गया था। दो फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए थे। 28 अगस्त 2023 को केयरटेकर रवि कुशवाहा, शंकरिया और ओमप्रकाश को जेल भेजा गया था। उनसे गांजा बरामद होना दर्शाया गया था। 9 अक्तूबर 2023 को आबकारी विभाग के साथ पुलिस ने दबिश दी थी। रवि की पत्नी पूनम, पुष्पा से शराब बरामद की थी। उन्हें भी जेल भेजा गया था। मामला तत्कालीन डीजीपी तक पहुंचा था। इसके बाद जांच हुई थी।
तीन नामजद, 15 अज्ञात के खिलाफ लिखा था मुकदमा
7 जनवरी को जमीन के कथित मालिक टहल सिंह की पुत्रवधू बनकर आई उमा देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र सिंह, बिल्डर कमल चौधरी, उसके बेटे धीरू चौधरी के अलावा 15 अज्ञात आरोपी थे। मुकदमा डकैती, बलवा, कब्जा, जान से मारने की धमकी की धारा में लिखा गया था। पुलिस ने तत्कालीन एसओ, अमित अग्रवाल और पुरुषोत्तम पहलवान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाकी आरोपियों को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था। विवेचना में केस की वादी उमा देवी भी जमीन कब्जाने की साजिश में शामिल निकली थीं। 9 अप्रैल को उमा देवी सहित 6 को फर्जी वारिसान बनने, टहल सिंह और जसवीर के नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का आरोपी बनाया गया है। टहल सिंह जिंदा निकले। जसवीर उनका बेटा नहीं था। वह साला था।
संलिप्तता के आधार पर बनाए गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, जमीन प्रकरण में कई नाम सामने आए थे। विवेचना में यह देखा गया कि किसकी क्या और कितनी संलिप्तता है। इसके आधार पर आरोपी बनाया गया। जमीन पर कब्जा कर रवि कुशवाहा के घर का सामान लूटा गया था। केस में कब्जे और डकैती की धारा लगी थी। पुलिस ने डकैती, कब्जे, बलवा, जान से मारने की धमकी में कमल चौधरी, उसके बेटे आर्यन उफ धीरू, पुरुषोत्तम पहलवान, भूपेंद्र पहलवान, किशोर बघेल, अमित अग्रवाल, आनंद जुरैल, नेम कुमार जैन को डकैती, माल बरामदगी, कब्जे का आरोपी बनाया गया है। तत्कालीन एसओ जितेंद्र सिंह आपराधिक साजिश का आरोपी है। वहीं उमा देवी, धर्मेंद्र, रवि कुशवाहा, उसका भाई शंकरिया, मोहित कुशवाहा उर्फ किशन कुमार और राजू को धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (कूटरचना) और 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) की धारा का आरोपी बनाया गया है। उन्होंने फर्जी वारिसान से लेकर जमीन के कथित मालिक टहल सिंह और जसवीर के नाम का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया था। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि जमीन प्रकरण में चार्जशीट तैयार कर ली गई है। इसे जल्द कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।