मैनपुरी। विकास भवन स्थित जिला विकास अधिकारी कार्यालय से गायब पत्रावली का प्रकरण शासन तक पहुंच गया है। मुख्य विकास अधिकारी की संस्तुति पर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास को मामले में पत्र भेजा है। उन्होंने पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई के लिए लिखा है। पत्र को लेकर जिला विकास अधिकारी कार्यालय में हलचल तेज हो गई है।
जिला विकास अधिकारी कार्यालय से ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती की व्यक्तिगत पत्रावली गायब है। ये पत्रावली तत्कालीन जिला विकास अधिकारी पीके राय के निलंबन के बाद से ही नहीं मिल रही है। जांच आख्या के विरुद्घ नरेश भारती को बर्खास्त करने के बाद ये पत्रावली गायब है।
इस मामले में स्थापना पटल देख रहे प्रधान सहायक शैलेंद्र कुमार सक्सेना को निलंबित कर दिया गया है। अब पत्रावली गायब होने की जानकारी शासन को दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह को पत्र भेजा है। इसमें पत्रावली गायब होने की जानकारी के साथ ही कार्रवाई करने की बात कही गई है।
निलंबित डीडीओ ले गए पत्रावली
ग्राम विकास अधिकारी की पत्रावली गायब होने के प्रकरण में तत्कालीन जिला विकास अधिकारी का एक पत्र बाद में प्राप्त हुआ था। इसमें लिखा था कि ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती की पत्रावली वे अपने साथ ले जा रहे हैं। हालांकि इस पत्र की मूल प्रति न मिलने से इस पत्र की विश्वसनीयता साबित नहीं हो पा रही है। तत्कालीन जिला विकास अधिकारी पीके राय को शासन ने 13 जून को निलंबित कर दिया था।
-जिला विकास अधिकारी कार्यालय से एक ग्राम विकास अधिकारी की पत्रावली गायब है। मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने पत्र भेजा था। इसी के आधार पर अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया गया है। शासन से जो भी आदेश मिलेगा उसके अनुुसार कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम।