उच्च शिक्षा मंत्री, उनके बेटे और पीड़ित कर्मचारी की पत्नी
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आगरा के डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कर्मचारी दिनेश कुशवाहा के आत्महत्या की कोशिश के मामले में थाना नाई की मंडी में तहरीर दी गई है। कर्मचारी की पत्नी ने तहरीर में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के पुत्र अलौकिक उपाध्याय पर मारपीट, जातिसूचक शब्द बोलने और धमकी के आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कर्मचारी दिनेश कुशवाहा की पत्नी साक्षी ने बुधवार को थाना नाई की मंडी में तहरीर दी। आरोप लगाया कि पति वर्ष 2006 से विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। 2 साल से उप कुलसचिव पवन कुमार पति को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के निवास, नार्थ ईदगाह काॅलोनी में व्यक्तिगत कार्य के लिए भेज रहे थे।
आरोप लगाया कि मंत्री के आवास पर पति से झाड़ू-पोछा, गाड़ियों और शौचालय की सफाई कराई जा रही थी। पति के विरोध पर पवन कुमार ने उच्च शिक्षा मंत्री के दबाव में नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी देकर चुप करा दिया। पति के रविवार को काम पर नहीं जाने के कारण सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री के बेटे अलौकिक उपाध्याय ने गालियां दीं। जातिसूचक शब्द बोले। लात-घूसों के साथ जूतों से पीटा। धमकी दी कि चाहे जहां शिकायत करो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
यह भी कहा कि विश्वविद्यालय का कोई अधिकारी साथ नहीं देगा। जान से मारने की धमकी का भी आरोप लागया। पत्नी ने कहा है कि आत्म सम्मान पर ठेस पहुंचने के कारण पति ने सुसाइड नोट लिखने के बाद विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उन्होंने तहरीर में लिखा है कि पति को कुछ होने पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उनके पुत्र अलौकिक उपाध्याय को जिम्मेदार होंगे। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि कर्मचारी के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए हैं। तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।