मैनपुरी। क्लब घर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में बंधक एक भवन की जगह दूसरे भवन की नीलामी मामले में मुख्य प्रबंधक मैनपुरी, इटावा और और जोनल मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। धोखाधड़ी के शिकार हरिदर्शन नगर निवासी सीए ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। जांच के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पंजाब नेशनल बैंक की क्लब घर शाखा की ओर से एक समाचार पत्र में आगरा बाईपास रोड ट्रांसपोर्ट नगर में एक आवासीय भवन की नीलामी का विज्ञापन दिया गया था। 28 अक्तूबर 2022 को नीलामी की तिथि तय की गई थी। कोतवाली क्षेत्र के हरिदर्शन नगर निवासी सीए राजीव कमल मिश्रा ने नीलामी में भाग लेकर आवासीय मकान को 34.86 लाख रुपये में खरीद लिया था। 29 अक्तूबर को इसका पूरा भगुतान भी संबंधित बैंक को कर दिया गया। एक नवंबर 2022 को विक्रय प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करा दिया गया। जब अभिलेख दर्ज करने के लिए कहा तो बैंक टाल मटोल करने लगा। जानकारी करने पर चला कि बैंक ने जो विक्रय प्रमाण पत्र दिया है। वह भवन बैंक के पास बंधक ही नहीं है। बैंक ने गलत क्षेत्रफल बताकर उनके साथ 34.86 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
भवन स्वामी और बैंक के बीच ऋण वसूली न्यायाधिकरण इलाहबाद में मुकदमा चला। जिसमें 23 जनवरी 2024 को ऋण वसूली न्यायाधिकरण में यह स्वीकार करते हुए कि सरफेसी एक्ट के तहत दिया गया नोटिस गलत था। संपूर्ण सरफेसी एक्ट की कार्रवाई स्वयं समाप्त कर दी और संपूर्ण नीलामी प्रक्रिया को रद कर दी है। सीए ने एसपी विनोद कुमार को प्रार्थना पत्र देकर पंजाब नेशनल बैंक क्लब घर शाखा के मुख्य प्रबंधक राहुल दीक्षित, जोनल मैनेजर जान मोहम्मद और पंजाब नेशनल बैंक सर्किल आफिस इटावा के मुख्य प्रबंधक शंकर कुमार पर जानबूझकर धोखाधड़ी, झूठे तथ्यों के आधार पर धन जमा कराने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। कहा था कि भवन पर कब्जा तो दूर नीलामी की मूल रकम 22 मार्च 2024 को काफी परेशान करने के बाद लौटाई गई थी। बैंक एक साल 5 माह तक उनके रुपये का स्थाई गबन किए रहा। इसका कोई ब्याज भी भी उन्हें नहीं दिया गया। सीए की शिकायत के बाद एसपी के आदेश पर रविवार को कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच पड़ताल शुरू कर दी है।