फिरोजाबाद जिले में टूंडला रेलवे स्टेशन से पकड़े गए कारतूस कांड में राजकीय रेलवे पुलिस अभी तक सरगनाओं तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस की सात टीमें कई जिलों में कारतूस तस्करों की गिरफ्तारी के लिए डेरा डाले हुए हैं। कारतूस तस्करों के तार मेरठ, प्रतापगढ़, आजमगढ़ आदि जिलों व अन्य प्रांतों से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस जेल भेजे गए तस्करों को रिमांड पर लेकर और पूछताछ करने के साथ ही बड़ा खुलासा करने की बात कर रही है। एसपी रेलवे ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की है।
टूंडला की राजकीय रेलवे पुलिस ने टूंडला जंक्शन से फिरोजाबाद के कारतूस तस्कर सादाब व फैजान सगे भाइयों को गिरफ्तार कर किया था। पुलिस ने उनके पास से 315 व 32 बोर के 700 कारतूस बरामद किए थे। इतनी बड़ी संख्या में कारतूस बरामद होने पर पुलिस सक्रिय हो गई थी। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ करते हुए कारतूस तस्करों से कारतूस तस्करी के राज उगलवाए थे। जिसके बाद पुलिस ने अमरोहा से कारतूस सप्लायर प्रतीक सक्सेना को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही उसके द्वारा बताए ठिकानों पर सरगनाओं की तलाश में सात टीमें गठित कर विविध जनपदों में दबिश दी।
पुलिस टीमें फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, अमरोहा, अलावा मेरठ, आजमगढ़, प्रतापगढ़ आदि जनपदों व बिहार के जनपदों में डेरा जमाए हुए हैं, किंतु अभी तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। गिरफ्तार तस्करों द्वारा बताए सरगना का नाम, पते व आईडी फर्जी निकली हैं। वे अपनी पहचान छिपाकर पुलिस पकड़ से अभी कोसों दूर हैं। पुलिस के मुताबिक जेल भेजे गए तस्करों को फिर से रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी। एसपी रेलवे मोहम्मद मुश्ताक का कहना है कि टीमें कई जिलों में दबिश दे रही हैं। इस मामले की जांच और तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की गई है। मामले के तार किस-किस जिले से जुडे़ हैं इसकी जानकारी की जा रही है।