जीव विज्ञान से इंटरमीडिएट करने वाले छात्रों के लिए करियर बनाने के कई विकल्प हैं। एमबीबीएस के अलावा बीफार्मा, नर्सिंग कोर्स, वेटरनरी साइंस में छात्र पढ़ाई कर बेहतर भविष्य बना सकते हैं। इस क्षेत्र में व्यापक स्तर पर नौकरियां भी हैं।
मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए बीफार्मा अनिवार्य है। अब ऑनलाइन पंजीकरण होने से बीफार्मा की डिग्री से एक ही मेडिकल स्टोर का लाइसेंस हो सकता है। पहले मैनुअल लाइसेंस मिलने के कारण एक के नाम से कई मेडिकल स्टोर के लाइसेंस संचालित होते थे।
दवा कंपनियों में भी बीफार्मा कोर्स किए अभ्यर्थियों की जरूरत रहती है। यही हाल जीएनएम और नर्सिंग कोर्स किए अभ्यर्थियों का रहता है। हॉस्पिटल समेत अन्य चिकित्सकीय संस्थानों का पंजीकरण भी प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ के होने पर ही हो रहा है।
नर्सिंग में भी बना सकते हैं करियर
इसी तरह से जीएनएम और नर्सिंग कोर्स में भी करियर बना सकते हैं। बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी, बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी, बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी के अलावा बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हस्बैंड्री का डिग्री कोर्स, डिप्लोमा इन वेटरनरी फार्मेसी, मास्टर ऑफ वेटरनरी साइंस और पीएचडी इन वेटरनरी साइंस जैसे भी विकल्प हैं।
करियर काउंसलर डॉ. ललितेश यादव बताते हैं कि जीव विज्ञान से इंटरमीडिएट करने वाले छात्रों के लिए कई विकल्प हैं। मेडिकल की तैयारी के अलाव वेटरनिरी, जीएनएम, नर्सिंग कोर्स, फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर हैं। अच्छा वेतन भी मिलता है।